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पीएमएफएमई योजना से एवरी डे बेकरी की मालिक बनी महिला
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पीएमएफएमई योजना से एवरी डे बेकरी की मालिक बनी महिला

Dec 10, 2025

गांव की साधारण गृहिणी से सफल महिला उद्यमी तक का तय किया सफर

हर माह प्राप्त कर रही हैं 1 से 1.25 लाख की शुद्ध आय

केंद्र शासन द्वारा संचालित प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना ने ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता को नए आयाम दिए हैं। शासन की दूरदर्शी नीतियों, पारदर्शिता व सतत प्रोत्साहन के कारण छोटे उद्योगों में आत्मनिर्भरता की लहर तेज़ी से आगे बढ़ रही है। ग्रामीण उद्यमियों के लिए यह योजना न केवल तकनीकी और वित्तीय सहयोग लेकर आई है, बल्कि स्थायी आजीविका के अवसर भी सृजित कर रही है।

इसी सफलता की मिसाल हैं छिंदवाड़ा जिले के विकासखंड जुन्नारदेव के ग्राम सुकरी की उद्यमी, जो कुछ वर्ष पहले तक गांव के एक परिवार की साधारण गृहिणी थीं, लेकिन शासन की योजनाओं और अपनी प्रतिबद्धता के बल पर उन्होंने उद्यमिता की नई राह गढ़ दी। आज उनकी एवरी डे बेकरी जिले में प्रेरणादायी उदाहरण बनकर उभरी है। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के तहत बेकरी उत्पादन इकाई के लिए उन्हें 25.48 लाख रुपये की परियोजना लागत, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया जुन्नारदेव द्वारा स्वीकृत की गई। जिसमें योजना के प्रावधान अनुसार 9.90 लाख रुपये का अनुदान भी स्वीकृत हुआ, जिसने इस उद्यम की आधारशिला को और मजबूत किया।

एवरी डे बेकरी में ब्रेड, पाव, टोस्ट, डोनट, क्रीम रोल एवं विभिन्न प्रकार की कुकीज़ जैसे लोकप्रिय उत्पादों का उत्पादन किया जा रहा है। इकाई का कुल मासिक उत्पादन 9.50 लाख रुपये तक पहुँच रहा है, जिसमें 8.45 लाख रुपये का व्यय होने के पश्चात 1.00 से 1.25 लाख रुपये की शुद्ध आय प्राप्त हो रही है। इस आय ने परिवार की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार लाया है।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस बेकरी से ना केवल एक सफल महिला उद्यमी बनकर उभरी हैं, बल्कि उन्होंने लगभग 25 लोगों को रोजगार भी दिया और इससे स्थानीय युवाओं को अपने ही क्षेत्र में आजीविका का अवसर भी मिला है। पीएमएफएमई योजना का प्रभावी क्रियान्वयन इस बात का प्रमाण है कि शासन की योजनाएँ जब जमीन तक मजबूती से उतरती हैं, तब जन-जन के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन अवश्य आता है।

 

“जहाँ शासन का सहयोग हो और कर्मठता का साथ,

वहीँ उभरते हैं नए सपनों के अनगिनत आयाम।

जो दिल से रचते हैं अपनी मेहनत की कहानी,

उनके द्वार पर दस्तक देती है तरक्की की निशानी।”

उद्यानिकी विभाग के अनुसार पीएमएफएमई योजना छोटे उद्यमों को मजबूत करने, खाद्य उद्योगों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करने वाली अत्यंत लाभकारी योजना है। सफलता इस योजना की सार्थकता का जीवंत उदाहरण बन गई है।

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