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November 30, 2025
जिले के नवाचार स्वच्छता साथी ‘वॉश ऑन व्हील्स’ के प्रदेश भर में सुचारू संचालन के लिए ऑनलाइन प्रशिक्षण का हुआ आयोजन
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जिले के नवाचार स्वच्छता साथी ‘वॉश ऑन व्हील्स’ के प्रदेश भर में सुचारू संचालन के लिए ऑनलाइन प्रशिक्षण का हुआ आयोजन

Nov 18, 2025

जिला पंचायत सीईओ ने प्रदेश के सभी जिलों के जिला एवं ब्लॉक समन्वयक सहित स्वच्छता साथियों को दिया विस्तृत मार्गदर्शन

छिंदवाड़ा जिले के स्वच्छता साथियों ने भी इस राज्य स्तरीय प्रशिक्षण में अपने अनुभव साझा किए

ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू, संस्थागत तथा सामुदायिक शौचालयों की नियमित साफ-सफाई के लिए लागू किए गए राज्य स्तरीय नवाचार “स्वच्छता साथी वॉश ऑन व्हील” के प्रभावी संचालन हेतु विकसित वेब मॉड्यूल एवं मोबाइल ऐप का ऑनलाइन प्रशिक्षण आज भोपाल के एनआईसी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग स्टूडियो से मिशन संचालक, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में सभी जिलों के जिला एवं ब्लॉक समन्वयक सहित स्वच्छ एमपी पोर्टल पर पंजीकृत स्वच्छता साथी वीसी के माध्यम से शामिल हुए।

 

चूंकि ‘वॉश ऑन व्हील्स’ नवाचार की शुरुआत सर्वप्रथम छिंदवाड़ा जिले से की गई थी, जिसके सफल क्रियान्वयन के बाद शासन द्वारा इसे पूरे प्रदेश में लागू करने का निर्णय लिया गया है। इसी क्रम में कलेक्टर कार्यालय के मिनी सभाकक्ष से मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत ने वीसी के माध्यम से प्रदेश के सभी जिलों से जुड़े जिला एवं ब्लॉक समन्वयक व स्वच्छता साथियों को इस नवाचार के सुचारू संचालन के संबंध में विस्तृत मार्गदर्शन दिया।

 

सीईओ ने बताया कि छिंदवाड़ा जिले में प्रारंभिक स्तर से निरंतर सुधार और निगरानी के परिणामस्वरूप यह मॉडल आज अन्य जिलों के लिए सफल उदाहरण बना है। यहां ‘वॉश ऑन व्हील्स’ की शुरुआत शून्य से की गई थी, जो अभी तक लगभग 50,000 शौचालयों की सफाई कर चुका है। इस अवधि में जिले के स्वच्छता साथियों द्वारा करीब 50 लाख रुपये की आय अर्जित की जा चुकी है। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने तकनीकी प्रक्रियाओं, संचालन व्यवस्था, संभावित समस्याओं तथा उनके समाधान संबंधी सभी पहलुओं पर विस्तृत जानकारी प्रदान की।

 

इस राज्य स्तरीय ऑनलाइन प्रशिक्षण में कलेक्टर कार्यालय के मिनी सभाकक्ष में उपस्थित इस नवाचार से प्रारंभ से जुड़े तीन स्वच्छता साथियों ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक चरण में किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, कैसे संस्थागत एवं निजी संस्थानों के शौचालयों की सफाई का कार्य प्रारंभ हुआ और वर्तमान में उनकी आय में किस प्रकार वृद्धि हुई।

 

छिंदवाड़ा जिले के स्वच्छता साथी ने बताया कि उन्होंने 1 अक्टूबर 2024 से अब तक 5,385 शौचालयों की सफाई की है, जिससे उन्हें अब तक 6 लाख रुपये की आय प्राप्त हो चुकी है। उन्होंने इस मॉडल से उनके जीवन में आए सकारात्मक परिवर्तन और रोजगार वृद्धि पर भी प्रकाश डाला।

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