कलेक्टर ने की खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की समीक्षा खाद्यान्न का सुचारू एवं पूरी पारदर्शिता के साथ समय पर वितरण हो
कलेक्टर ने आज खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन, सुचारू राशन वितरण प्रणाली, जन शिकायतों के निराकरण तथा पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उपायों पर विस्तृत चर्चा की गई एवं आवश्यक दिशा – निर्देश दिए ।
कलेक्टर ने खाद्य, वेयरहाउस, सिविल सप्लाईज कॉरपोरेशन, सहकारिता, सहकारी बैंक के अधिकारियों से चर्चा कर खाद्यान्न के उपार्जन से लेकर भंडारण, उठाव, परिवहन एवं वितरण तक जिले की सम्पूर्ण व्यवस्था की विस्तार से जानकारी प्राप्त की। पात्र परिवारों, पीडीएस दुकानों की संख्या, विक्रेताओं की स्थिति, उपभोक्ताओं के ईकेवायसी की स्थिति, मुख्यमंत्री राशन आपके ग्राम योजना, अन्नदूत परिवहन के क्रियान्वयन, पात्रता पर्ची के नवीन आवेदन, गोदामों की भंडारण क्षमता, भंडारित स्कंध आदि के संबंध में भी विस्तृत समीक्षा की। कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राशन वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आमजन को पूरी पारदर्शिता के साथ, समय पर और गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न उपलब्ध कराएं, यह कार्य प्रशासन की प्राथमिकता में शामिल है।
उन्होंने खाद्यान्न वितरण और उचित मूल्य दुकानों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने और लंबित शिकायतों का त्वरित निराकरण करने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने कहा कि विभागीय कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता लाने के लिए आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग किया है, जिससे पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का पूरा लाभ समय पर मिल सके।
बैठक में बताया गया कि जिले में उचित मूल्य खाद्यान्न वितरण के लिए पात्र परिवारों की संख्या 3 लाख 32 हजार 618 है, जिन्हें 739 पी.डी.एस. दुकानों के माध्यम से खाद्यान्न का वितरण किया जा रहा है, जो 665 विक्रेताओं द्वारा संचालित की जा रही हैं। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि एक संचालक के पास दो से ज्यादा दुकानें न रहें, इससे वितरण प्रभावित होता है।
बैठक में सीईओ जिला पंचायत, जिला आपूर्ति अधिकारी सहित वेयरहाउस, सहकारिता, सिविल सप्लाईज कॉरपोरेशन, जिला केंद्रीय सहकारी बैंक व संबंधित सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित थे
