मक्का से मायूसी नहीं बढ़ रहे दाम, कटाई का खर्च निकालना भी मुश्किल हो रहा है
मक्का के दाम किसानों के लिए चिंता का कारण बने हुए हैं। दीवाली के पहले से अब तक मक्का के न्यूनतम दाम 1300 ही है, जबकि अधिकतम दाम 1800 तक ही मिल रहे हैं किसानों और किसान संगठनों ने मुताबिक पिछले पांच साल में यह सबसे कम दाम है। साल दर साल लागत बढ़ने के बाद भी इस बार दाम बढ़ाने की जगह कम हो रहे हैं। जिसके चलते अब तक आवक भी नहीं बढ़ी है। गौरतलब है कि चौरई और चांद मक्का बाहुल्य है। यहां के किसानों की मुख्य फसल मक्का ही है। इस बार भी यहां 55 हज़ार हेक्टेयर पर मक्का की फसल लगी हुई है लेकिन दाम नहीं मिलने से किसान मायूस हैं।
इस बार शुरूआत से ही मक्का के दाम जमीन पर हैं। दिवाली अवकाश के बाद खुली मंडी में मक्का के न्यूनतम दाम 1344 था। जबकि शुक्रवार को न्यूनतम दाम और कम होकर 1301 रहा। न्यूनतम दाम में भी 43 रुपए की कमी आई है। किसान ने बताया कि पिछले कई सालों में पहली बार इतने कम दाम हैं। महंगी होती खाद और मजदूरी के दौर में किसानों को दाम बढ़कर मिलना चाहिए,लेकिन इस बार उल्टा हो रहा है।
