कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों की कृषकों के लिए समसामयिक सलाह
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों द्वारा सलाह दी जाती है कि वर्तमान समय में लगातार वर्षा के कारण खरीफ की फसल जैसे मक्का, सोयाबीन, अरहर में विशेष रूप से ध्यान रखने की जरूरत है लगातार वर्षा के दौरान पानी का भराव ना हो इस बात का विशेष ध्यान रखें मक्के को जिन किसान भाइयों ने उन्नत तकनीक जैसे की रेज्ड बेड प्लांटर मशीन से मेड व गहरी नाली पद्धति द्वारा मक्का दलहन व तिलहन फसलों की बुवाई की है इस विधि से अत्यधिक वर्षा होने पर नालियों से वर्षा जल बाहर निकल जाता है और फसलों को किसी प्रकार की क्षति नहीं पहुंचती है अतः किसान भाई उन्नत तकनीक के द्वारा अत्यधिक वर्षा काल में भी बेहतर फसल प्राप्त कर सकते हैं। जिन किसान भाइयों की धान की नर्सरी 20 से 25 दिन की हो गई हो तो तैयार खेतों में धान की रोपाई वर्षा कम होने पर करें पंक्ति से पंक्ति की दूरी 20 सेंटीमीटर तथा पौधे से पौधे की दूरी 10 सेंटीमीटर रखें धान के खेतों की मेडो को मजबूत बनाए जिससे वर्षा का ज्यादा से ज्यादा पानी खेत में संचित हो सके वर्षा कम होने पर धान की नर्सरी में यदि पौधों का रंग पीला पड़ रहा है तो इसमें लोह तत्व की कमी हो सकती है पौधों की ऊपरी पत्तियां यदि पीले और नीचे की हरी हो तो यह लोह तत्व की कमी दर्शाता है इसके लिए किसान भाई 0.5% फेरस सल्फेट+ 0.25% चुने के घोल का छिड़काव करें, जिन किसान भाइयों की मिर्च, बैगन की नर्सरी तैयार है वह मौसम की अनुसार वर्षा कम होने पर रोपाई करें।
अतः किसान भाई ध्यान रखें की नालियों के बीच पानी भरा ना रहे सतत जल निकास होता रहे। जब तक मौसम स्थिर न हो जाए, बुवाई या कीटनाशक/खरपतवारनासी दवा का छिड़काव ना करें। खेतों में उचित जल निकासी सुनिश्चित करें, नालियों, मेंड़ों और निकास रास्तों को साफ रखें। यदि बहाव का जोखिम अधिक हो, तो धान की नर्सरी को पॉलीथीन या शेड नेट से ढक दें। बीज, उर्वरक और औजारों को ऊँचाई पर, जलरोधक स्थानों में रखें , सब्जियों की फसलों को सहारा देने के लिए बाँस या जाल से मजबूत स्टेकिंग करे, जलभराव वाले खेतों में मशीनरी का उपयोग न करें।
पशुओं को खुर घाव फुट रॉट और सांस संबंधी संक्रमणों से बचाने के लिए टीकाकरण या उपचार कराएं यदि आवश्यक हो पशुओं को घर के अंदर या मजबूत शेड में रखें, बिजली चमकने या तेज़ हवा के दौरान पशुओं को चराने न ले जाएँ। किसान भाई वर्षा काल के दौरान किसी भी प्रकार की बिजली उपकरणों एवं खंभों को न छुए।
