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June 26, 2026
किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत प्राकृतिक खेती कार्यशाला का आयोजन
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किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत प्राकृतिक खेती कार्यशाला का आयोजन

Jun 26, 2026

किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्राकृतिक खेती को अपनाना जरूरी- सांसद

किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्र छिंदवाड़ा में प्राकृतिक खेती विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में किसानों को प्राकृतिक खेती के महत्व, इसके लाभ एवं कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त करने के तरीकों की जानकारी दी गई। कार्यशाला के मुख्य अतिथि सांसद रहे। इस अवसर पर महापौर पूर्व विधायक सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं कलेक्टर कृषि विभाग के अधिकारी तथा किसान उपस्थित थे।

सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री की मंशा है कि किसानों की आय में वृद्धि हो। किसानों की आय तभी बढ़ सकती है, जब खेती की लागत कम होगी और उत्पादन बेहतर होगा। इसी उद्देश्य से प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह प्रसन्नता का विषय है कि छिंदवाड़ा जिले के किसान प्राकृतिक खेती की ओर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। जिले में लगभग 5000 एकड़ भूमि में किसान प्राकृतिक खेती कर रहे हैं, जो एक सकारात्मक बदलाव है।

कलेक्टर ने कहा कि वर्तमान समय में यह समझना आवश्यक है कि प्राकृतिक खेती क्यों जरूरी है। लगातार रासायनिक खाद एवं कीटनाशकों के उपयोग से सबसे पहले किसान और उनका परिवार प्रभावित होता है। प्राकृतिक खेती से जहां मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है, वहीं स्वास्थ्य के लिए भी बेहतर एवं सुरक्षित खाद्यान्न का उत्पादन होता है।

उन्होंने उपस्थित किसानों से अपील करते हुए कहा कि कार्यशाला में प्राकृतिक खेती के संबंध में जो भी जानकारी एवं अनुभव प्राप्त करें, उसे अपने गांव एवं आसपास के अन्य किसानों तक जरूर पहुंचाएं, ताकि अधिक से अधिक किसान प्राकृतिक खेती के लाभों को समझकर इसे अपना सकें।

कार्यक्रम में नगर निगम महापौर ने भी प्राकृतिक खेती के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह खेती की ऐसी पद्धति है, जिससे किसान कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं और भूमि की गुणवत्ता को लंबे समय तक बनाए रख सकते हैं।

कार्यशाला के दौरान प्राकृतिक खेती कर रहे किसानों ने भी अपने अनुभव साझा किए। किसान एवं ने बताया कि प्राकृतिक खेती अपनाने से उनकी खेती की लागत में कमी आई है, आय में वृद्धि हुई है और खेतों की उर्वरता में भी सुधार हुआ है। उन्होंने अन्य किसानों से भी प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया। कार्यशाला में कृषि विशेषज्ञों द्वारा किसानों को प्राकृतिक खेती की तकनीक, जैविक संसाधनों के उपयोग एवं इसके व्यावहारिक लाभों की विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यशाला के दौरान प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने एवं उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को प्रोत्साहित करते हुए प्राकृतिक खेती करने वाले श्रेष्ठ किसानों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

न्यूमेटिक प्लांटर से मक्का बुवाई का सफल लाइव प्रदर्शन- कार्यशाला के दौरान कृषि अभियांत्रिकी विभाग द्वारा आंचलिक मक्का अनुसंधान केंद्र, चंदनगांव में लैंडफोर्स कंपनी के सहयोग से न्यूमेटिक प्लांटर के माध्यम से 1 हेक्टेयर क्षेत्र में मक्का बुवाई का सफल लाइव प्रदर्शन किया गया। इस दौरान किसानों को आधुनिक यंत्रीकृत खेती की तकनीक, न्यूमेटिक प्लांटर की कार्यप्रणाली, उपयोग विधि एवं इसके लाभों की जानकारी दी गई। इसके साथ ही सांसद व अन्य जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं किसानों द्वारा पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं हरियाली बढ़ाने का संदेश दिया गया।

इस अवसर पर उप संचालक कृषि आंचलिक अनुसंधान केंद्र प्रमुख परियोजना संचालक आत्मा वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख उप संचालक उद्यानिकी सहायक कृषि यंत्री लैंडफोर्स कंपनी के सहित अन्य अधिकारी एवं प्रगतिशील कृषक उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि शासन के निर्देशानुसार विश्व पर्यावरण दिवस से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस तक विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन एवं जनभागीदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कार्यशालाओं, पौधारोपण सहित अन्य गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।