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June 17, 2026
कलेक्टर ने की स्वास्थ्य विभाग की साप्ताहिक समीक्षा
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कलेक्टर ने की स्वास्थ्य विभाग की साप्ताहिक समीक्षा

Jun 14, 2026

स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधार पर दिया जोर

जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण एवं जनोन्मुखी बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का आयोजन कलेक्टर कार्यालय के मिनी सभाकक्ष में किया गया था, जिसमें प्रभारी अधिकारी स्वास्थ्य विभाग डिप्टी कलेक्टर सीएमएचओ, सिविल सर्जन, जिला स्वास्थ्य अधिकारी सहित मुख्यालय के अधिकारी सभाकक्ष में उपस्थित थे, जबकि जिले के सभी विकासखंड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ), संबंधित कार्यक्रम अधिकारी एवं फील्ड स्तर के सभी अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल थे।

बैठक में कलेक्टर ने विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों एवं मातृ-शिशु स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण सूचकांकों की विस्तार से समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करने के लिए साप्ताहिक प्रगति लाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावशीलता का सीधा संबंध आमजन के जीवन से है, इसलिए प्रत्येक अधिकारी अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करें।

समीक्षा के दौरान एएनसी (गर्भवती महिलाओं का पंजीयन) रजिस्ट्रेशन की प्रगति का परीक्षण किया गया। जिसमें चौरई, बिछुआ और छिंदवाड़ा का पंजीयन कम पाए जाने पर नाराजगी जाहिर की गई और एक सप्ताह में स्थिति सुधारने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि प्रत्येक गर्भवती महिला का समय पर पंजीयन सुनिश्चित किया जाए तथा नियमित जांच एवं फॉलोअप में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।

बैठक में मॉडरेट एवं सीवियर एनीमिया के पहचान और प्रबंधन की भी विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि एनीमिया मुक्त भारत अभियान के तहत चिन्हित महिलाओं एवं किशोरियों का समय पर उपचार एवं निगरानी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने गंभीर एनीमिया के मामलों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। इसी प्रकार पीआईएच (प्रेग्नेंसी इंड्यूस्ड हाइपरटेंशन) की पहचान एवं प्रबंधन की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की समय रहते पहचान कर उन्हें आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में और कमी लाई जा सके।

बैठक में हाइपरटेंशन एवं डायबिटीज की स्क्रीनिंग की प्रगति पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि गैर-संचारी रोगों की शीघ्र पहचान के लिए व्यापक स्तर पर स्क्रीनिंग अभियान चलाया जाए तथा चिन्हित मरीजों को नियमित उपचार और परामर्श उपलब्ध कराया जाए। इसके अलावा सिकल सेल एनीमिया स्क्रीनिंग अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने पात्र व्यक्तियों की अधिकतम जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समय पर पहचान और उचित परामर्श से इस बीमारी के प्रभाव को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

टीकाकरण कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने सभी बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने विशेष रूप से यू-विन पोर्टल पर टीकाकरण संबंधी जानकारी की समयबद्ध एवं शत-प्रतिशत ऑनलाइन एंट्री सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि लाभार्थियों का डिजिटल रिकॉर्ड अद्यतन एवं सटीक बना रहे।

बैठक में टेली मेडिसिन सेवाओं की उपलब्धता और उपयोगिता पर भी चर्चा की गई। कलेक्टर ने कहा कि दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराने में टेली मेडिसिन महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने स्वास्थ्य संस्थाओं में इस सेवा का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने तथा आमजन को इसके प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने सभी बीएमओ एवं फील्ड अधिकारियों से स्वास्थ्य योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग, डेटा की गुणवत्ता बनाए रखने तथा निर्धारित समय-सीमा में लक्ष्यों की पूर्ति सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए टीमवर्क, जवाबदेही और सतत निगरानी अत्यंत आवश्यक है। जिले के प्रत्येक नागरिक तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग में जिला प्रदेश में प्रथम स्थान पर है, इसी तरह सभी बीएमओ मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में भी प्रदेश में प्रथम के लिए प्रयास करें