घातक नहीं खतरनाक हैं ये फेसबुकिए, सांसद को गाली दो और फेमस हो जाओ
घातक नहीं, खतरनाक हैं ये फेसबुकिए
छिंदवाड़ा में पिछले कुछ दिनों से एक विवाद लगातार सोशल मीडिया की सुर्खियों में है। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे चिंताजनक बात यह है कि बिना तथ्यों की पुष्टि किए लोग सोशल मीडिया पर पक्ष और विपक्ष में अभियान चलाने लगते हैं।
लोकतंत्र में किसी भी जनप्रतिनिधि, अधिकारी या व्यक्ति की आलोचना करना नागरिकों का अधिकार है, लेकिन आरोप और आलोचना तथ्यों पर आधारित होना चाहिए। आजकल सोशल मीडिया पर एक ऐसा चलन बढ़ता जा रहा है जिसमें कुछ लोग वायरल होने या सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए किसी पर भी गंभीर आरोप लगा देते हैं और फिर वही बातें बिना जांच-पड़ताल के तेजी से फैलने लगती हैं।
किसी भी मामले की वास्तविकता क्या है, यह जांच एजेंसियों, प्रशासन और न्यायिक प्रक्रिया से तय होती है, न कि फेसबुक लाइव, रील या व्हाट्सएप फॉरवर्ड से। दुर्भाग्य से कई बार अधूरी जानकारी और भावनात्मक नारों के आधार पर समाज को जाति, वर्ग और समुदायों में बांटने का प्रयास भी किया जाता है।
जरूरत इस बात की है कि हम किसी भी वायरल वीडियो, पोस्ट या आरोप को अंतिम सत्य न मानें। पहले तथ्य जानें, सभी पक्षों को सुनें और फिर अपनी राय बनाएं।
सोशल मीडिया जनजागरण का माध्यम बने, भ्रम और वैमनस्य फैलाने का नहीं। क्योंकि बिना सच की तह तक पहुंचे केवल वायरल होने की होड़ समाज और आने वाली पीढ़ियों दोनों के लिए घातक ही नहीं, बल्कि खतरनाक भी है।तीन दिन से लगातार सुर्खियों में चल रहे कृष्णा सल्लम नामक युवक जिसने छिंदवाड़ा सांसद बंटी विवेक साहू के खिलाफ अनाप सनाप रील जिला अस्पताल में बनाई जिसमें वह लगातार सांसद को दोषी बता रहा है जिसमें वह विडियो बना कर सोशल मीडिया में प्रचार कर रहा है कि सांसद के गुंडे ने मारपीट किया सांसद बंटी विवेक साहू ने जमीन खरीदा है, प्रशासन नहीं सुन रहा है इस तरह से फेमस होने के लिए मने कुछ भी करो किसी को कुछ भी बोल दो बिना तथ्य के झूठे ही आरोप लगाओ और फेमश हो जाओ यह चलन बन गया है ,सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए आजकल यह ट्रेंड बन गया है ,अच्छा लोकल मिडिया घरानों का भी आजका ऐसा हो गया है की आधे से ज्यादा तो व्हाट्सप्प यूनिवर्सिटी से ही चल रहे है कोई भी मिडिया चैनल या न्यूज पेपर ग्राउंड जीरो पर गया ही नहीं दरअसल मामला कोलारे बंधुओं का है जिन्होंने अपनी पुस्तैनी जमीन कुंडाली कलां निवासी रिटायर्ड सैनिक आशीष ठाकरे बेचीं है उसी जमीन के अवैध कब्ज़ा करने वालों का सपोर्ट करने गया था कृष्ण सलाम जो भी वहीँ चारगांव प्रहलाद का निवासी है जो अपने आप को भारत आदिवासी पार्टी का जिला उपाध्यक्ष बता रहा है
सांसद बंटी विवेक साहू ने जारी किया वीडियो….
जो विडिओ उसने जिला अस्पताल में सूट किया है जिसे लेकर बवाल हुआ सांसद बंटी विवेक साहू कोतवाली गए कृष्ण सलाम के खिलाफ ऍफ़ आई आर लिखवाई रात्री में पुलिस ने कृष्णा सलाम को गिरफ्तार की लेकिन दूसरे दिन छोड़ दी हालाँकि घायलों से मिलने भी सांसद जिला अस्पताल पहुंचे थे
खरीददार ने जारी किया वीडियो……
फिर क्या था अचानक फेसबुकिये सक्रीय हुए और सांसद को जमकर ट्रोल करने लगे हुआ यह की जिस जमीन को लेकर इतना बवाल हुआ उसके क्रेता आशीष ठाकरे और विक्रेता जोगीराम कोलारे , भोगीराम कोलारे ने अपना अपना विडिओ जारी किया और बताया की हमारी आपसी सहमति से भूमि की खरीदी बिक्री हुई है इसमें सांसद बंटी साहू जी का कोई लेना देना नहीं है
चलिए आपको सिलसिलेवार बताते चलते ………..
जमीन ख़रीदा आशीष ठाकरे ने जमीन बेचा जोगीराम और भोगीराम कोलारे ने जमीन का लेने वाला ओबीसी वर्ग से जमीन बेचने आना अनुसूचित जाती वर्ग का तो फिर मामला आदिवासी बनाम सांसद क्युओं हुआ तो वो इसलिए हुआ क्युकी आदिवासियों को आगे कर उनकी भीड़ का भोलेपन का फायदा उठाकर चंदा वसूली करने वाले देवीराम उर्फ़ देवरावेन भलावी प्रवीण धुर्वे जिनका आदिवासी की जमीन कन्वर्ट मामले में 15 करोड़ की वसूली मांगने वाला ऑडियो वायरल हुआ तब यह खूब इनकी फजीहत हुई किरकिरी हुई इनके राष्ट्रिय नेताओं ने इनको संज्ञान लिया और फिर पार्टी ने इन्हे निष्काषित कर दी लेकिन इनको तो चंदा और फिरौती की आदत लगी थी तो इन्होने राष्ट्रिय क्रांति मोर्चा नामक स्वंभू फेसबुकिया संगठन का निर्माण किया और फिर आदिवासी बनाम गैर आदिवासी का अलाप और समाज को बाँटने की ओछी राजनीती कर दिए चालू इस मामले में भी हुआ यूँ की फ़ौरन मारपीट में घायल हुए मस्तकार परिवार के लोगों से मिलने चले गए प्रवीण धुर्वे और मोहिन खान फिर वही अंदाज प्रशासन को चेतावनी तुरंत गिरफ्तार करो सांसद के गुंडों को फिर वही लाइव आकर उल जलूल बोलकर सामाजिक ताना बाना को छिन्न भिन्न करने वाली हरकतें जबरन में सांसद का विरोध और कृष्णा सलाम को हीरो के रूप में पेश करके फिर
विक्रेताओं ने पत्र लिख कर जाहिर किया प्रेस विज्ञप्ति….

विक्रेता दोनों भाइयों ने जारी किया उनका विडियो……
झूठ वाला नेरेटिव तैयार …………
इस मामले में सांसद ने कांग्रेस और गोंडवाना को आरोप लगा दिय कहा की इन विपक्षी दल के लोग मेरे खिलाफ साजिश रच रहे है फिर क्या था ये चंदा वसूली गेंग के बाद कांग्रेस को बैठे बिठाये मुद्दा मिल गया साथ में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के स्वंभू जिला अध्यक्ष धनु लाल धुर्वे भी नींद से जाग गये पगड़ी बान्धकर उल गुलान जिंदाबाद करने लग गए ,फिर क्या था इनके साथ के गोंडवाना के कुछ नेता भी हरकत आ गए सिर्फ फेसबुक और व्हाट्सअप में सांसद के खिलाफ फिर जमकर भड़ास वो भी शोसल मिडिया में हालाँकि इनमे से कुछ धरमटेकडी चौकी भी गए आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग उठी चौबीस घंटे का अल्टीमेटम दे दिए
असल में आदिवासी बनाम सांसद हो ऐसा कोई घटनाक्रम ही नहीं है लेकिन जानबूझकर सांसद की छवि धूमिल की जा रही है न जमीन बेचने वाला आदिवासी न जमीन खरीदने वाला आदिवासी तो फिर यह झूट का नेरेटिव क्यों
बिना सचाई के खबरें वायरल हो रही है लोग सांसद को गाली देकर सोचते होंगे की फेमश हो जाये या नेता बन जाये सोच अपनी अपनी लेकिन बिना सच की तहा तक जाए वायरल होने का चलन बढ़ते जा रहा है जो आने वाली पीढ़ी के लिए घातक भी है और खतरनाक भी
