कृषि रथ से लगातार हो रहा प्राकृतिक कृषि तकनीक का प्रचार
बेलखेड़ा, मुजावार एवं उमरडोह में ग्रामीणों को दी गई प्राकृतिक खेती की जानकारी
जिले में कृषि रथ से प्राकृतिक कृषि तकनीक का प्रचार- प्रसार किया जा रहा है, जहां आज ग्राम बेलखेड़ा, मुजावार एवं उमरडोह में कृषक रथ के माध्यम से ग्रामीणों को प्राकृतिक खेती की जानकारी दी गई। प्राकृतिक खेती की जानकारी देते हुए क्षेत्र के समाजसेवी एवं प्रगतिशील ने प्राकृतिक खेती में अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि प्राकृतिक कृषि मानव जाति के अस्तित्व को बचाने के लिऐ अत्यंत आवश्यक है। क्योंकि जीवन जीने के लिऐ जहरमुक्त भोजन की आवश्यकता है। वर्तमान में ज्यादा उत्पादन की ललक में किसान आवश्यकता से अधिक रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग कर रहे हैं। जिससे भूमी बंजर होने की ओर है। हमें जीवित रहने के लिए पंच महाभूतयुक्त अनाज की आवश्यकता है, जो हमें संपूर्ण पोषण प्रदान कर सकें। वर्तमान की कृषि तकनीक में खाद एवं उर्वरकों के अनुपात में गड़बड़ी के कारण हमें पंच महाभूतयुक्त भोजन मिल पाना मुश्किल हो रहा है। प्राकृतिक कृषि से सम्पूर्ण पोषकतत्वयुक्त भोजन मिल सकता है एवं भूमि की उर्वरक क्षमता को बचाया एवं बढ़ाया जा सकता है।
ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी नवीन तकनीकी एवं योजनाओं की जानकारी किसानों को उपलब्ध करा रहे हैं। मुख्य रूप से जैविक खेती एवं प्राकृतिक कृषि क्षेत्रों का विस्तार, मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना का प्रचार-प्रसार, एकीकृत पोषक तत्व, कीट एवं रोग प्रबंधन, कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाने के उपाय, फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है । ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी ने प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना, ई-विकास प्रणाली के अंतर्गत ई-टोकन उर्वरक वितरण व्यवस्था, पराली प्रबंधन के विषय में जानकारी दी।
