मोहखेड़ क्षेत्र के ग्रामों में आपदा प्रबंधन को लेकर जन-जागरूकता संवाद आयोजित
नरवाई नहीं जलाने के लिए किसानों को किया गया प्रेरित
जिले की तहसील मोहखेड़ के अंतर्गत ग्राम कामठी, चारगांव कर्बल, खापानियर राजेगांव, भांडखापा, लेंदागोंदी और लोनिया सहित अन्य गांवों में कलेक्टर के निर्देशन में विभिन्न आपदाओं आगजनी, सर्पदंश और आकाशीय बिजली से बचाव के लिए ग्राम सभाओं में जन-जागरूकता संवाद कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कार्यक्रम में बायोडायवर्सिटी कंजर्वेशन के मास्टर ट्रेनर ने ग्रामीणों को प्राकृतिक एवं मानव निर्मित आपदाओं से निपटने के व्यावहारिक उपाय बताए। उन्होंने ग्रामीणों को आपातकालीन परिस्थितियों में “फर्स्ट रिस्पॉन्डर” बनने के लिए आवश्यक कौशलों की जानकारी दी।
इस दौरान उन्होंने किसान भाई-बहनों से अपील की कि वे खेतों में नरवाई न जलाएं, क्योंकि इससे मिट्टी के सूक्ष्म पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं और भूमि की उर्वरता प्रभावित होती है। नरवाई प्रबंधन के लिए सुपरसीडर या रोटावेटर के उपयोग की सलाह दी गई, जिससे मिट्टी की गुणवत्ता बेहतर होती है और खरीफ फसल को लाभ मिलता है।
इसके साथ ही आगजनी, बाढ़, बिजली करंट, भूकंप और सर्पदंश जैसी आपदाओं के दौरान बचाव के उपायों पर भी विस्तार से जानकारी दी गई। बताया गया कि आपदा के समय घबराने के बजाय संयम और सही तकनीक अपनाकर जान-माल के नुकसान को कम किया जा सकता है। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण तथा सरपंच, ग्राम पंचायत सचिव, ग्राम रोजगार सहायक , सीएमसीएलडीपी छात्रा सहित आपदा प्रबंधन समितियों के सदस्य और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
