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March 31, 2026
पक्षियों के संरक्षण के लिए छात्रों ने सीखा घोंसले निर्माण की कलापक्षियों के लिये पानी उपलब्ध कराने का लिया संकल्प
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पक्षियों के संरक्षण के लिए छात्रों ने सीखा घोंसले निर्माण की कलापक्षियों के लिये पानी उपलब्ध कराने का लिया संकल्प

Mar 31, 2026

जिले के विकासखंड तामिया में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक के निर्देशन एवं विकासखंड समन्वयक तामिया के मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास पाठ्यक्रम के अंतर्गत अध्ययनरत समाज कार्य के स्नातक एवं परास्नातक छात्र-छात्राओं को जैव विविधता विषय पर विशेष जानकारी प्रदान की गई।

कार्यक्रम में भोपाल बर्ड कंजर्वेशन सोसायटी एवं मध्यप्रदेश राज्य जैव विविधता बोर्ड भोपाल से डॉ. संगीता राजगीर विशेष रूप से उपस्थित थीं। उन्होंने जैव विविधता के महत्व, पर्यावरण संरक्षण में पशु-पक्षियों की भूमिका तथा घटती प्रजातियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि वर्तमान में बाघ, वल्चर, पैंगोलिन, गौरैया, दूधराज एवं तितलियों जैसी प्रजातियां तेजी से विलुप्त हो रही हैं। इसके प्रमुख कारण जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण तथा कृषि में रासायनिक और कीटनाशकों का बढ़ता उपयोग है।

उन्होंने विद्यार्थियों को चेताया कि समय रहते संरक्षण नहीं किया गया तो ये प्रजातियां केवल पुस्तकों तक सीमित रह जाएंगी। पक्षियों के संरक्षण के लिये उन्होंने कार्डबोर्ड से बने घोंसले वितरित किए और उन्हें बनाने की तकनीक भी सिखाई। साथ ही गर्मी के मौसम में पक्षियों के लिए पेड़ों एवं छतों पर सकोरे रखने और कृत्रिम घोंसले लगाने का सुझाव दिया, जिससे उन्हें पानी और सुरक्षित आवास मिल सके।

डॉ. राजगीर ने यह भी बताया कि संरक्षित स्थलों के विकास से पर्यटन को बढ़ावा मिल सकता है, जिससे रोजगार के अवसर भी उत्पन्न होंगे। स्थानीय संसाधनों जैसे छींद की पत्तियों से राखी एवं सजावटी वस्तुएं बनाकर आय अर्जित की जा सकती है। तामिया पर्यटन ने अपने विचार रखते हुए कहा कि छींद, बांस तथा कोदो, कुटकी, ज्वार, बाजरा, रागी, शहद और अन्य वनोपज से भी आय के स्रोत बढ़ाए जा सकते हैं। उन्होंने आगामी समय में एक कार्यशाला आयोजित करने की जानकारी दी, जिसमें इन उत्पादों को बनाने की विधि सिखाई जाएगी।

विकासखंड समन्वयक ने कहा कि इन गतिविधियों से छात्र एवं महिलाओं के समूह सशक्त बन सकते हैं और उनकी आजीविका के साधन मजबूत होंगे। अंत में उन्होंने अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के समापन की घोषणा की। कार्यक्रम में परामर्शदाता सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की।