शासकीय बालक उ.मा.वि.चाँद व शासकीय महाविद्यालय चांद में उद्देशिका वाचन, चित्रकला, संगोष्ठी आयोजित कर मनाया संविधान दिवस
स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग भारत सरकार व लोक शिक्षण संचालनालय म.प्र. भोपाल के आदेशानुसार एवं कलेक्टर के निर्देश व जिला शिक्षा अधिकारी के मार्गदर्शन में विगत दिवस सभी शैक्षणिक संस्थाओं में संविधान दिवस मनाया गया । शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चाँद में प्राचार्य के मुख्य आतिथ्य विद्वान शिक्षक की अध्यक्षता में संविधान दिवस की संगोष्ठी आयोजित की गई ।
कार्यक्रम प्रभारी व राज्यपाल पुरुस्कृत शिक्षक ने बताया कि आज प्रातः प्रार्थना सभा में छात्रों को संविधान दिवस की शुभकामनाएं प्रेषित कर संविधान निर्माण की प्रक्रिया से अवगत कर उद्देशिका का वाचन कराया गया। इसके बाद छात्रों से संविधान के मूल्यों पर आधारित चित्रकला कराई गई, जिसमें कक्षा 12वी, कक्षा 11वी, कक्षा 10वीं के छात्रों ने भाग लिया। दोपहर बाद विषय – आजादी पश्चात भारतीय प्रायद्वीप में संविधान की भूमिका पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। अतिथियों द्वारा सर्वप्रथम संविधान निर्माता व प्रारूप समिति के अध्यक्ष डॉ.भीमराव अंबेडकर जी के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित किए गए । इस संगोष्ठी में कक्षा 12वीं (विज्ञान) , कक्षा 12वीं कला से गगन बनझाड़े, कक्षा 11वीं विज्ञान से क्षितिज, कक्षा 11वीं कक्षा 10वीं से भाषण प्रतियोगिता में भाग लिया। दोनों प्रतियोगिता में प्रथम द्वितीय, तृतीय स्थान प्राप्त प्रतिभागी छात्रों को पारितोषिक देकर प्रोत्साहित किया गया। इस अवसर पर शिक्षक ने संविधान का अर्थ बताया। विद्यालय की ओर से मूल्यांकनकर्ता की भूमिका ने निभाई ।
कार्यक्रम संचालक ने इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी का संदेश छात्रों के नाम सुनाया गया, जिसमें उन्होंने कहा कि भारत के लोकतंत्र की आत्मा, संविधान में निवास करती है, जिससे मानवीय मूल्यों के प्राचीर आसमान में सिर उठाये खड़े है, इसीलिये सभी को संविधान के अनुरूप अपने कर्तव्यों व दायित्वों का पालन करना चाहिए। शिक्षक ने स्वागत भाषण देकर सबका अभिनंदन किया। संगोष्ठी में छात्रों ने भारतीय संविधान की वर्तमान परिदृश्य में उपयोगिता पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम संचालक ने छात्रों को संविधान बनने के इतिहास व भारत की जरूरत पर प्रकाश डालकर छात्रों से अपील की कि सच्चे नागरिक बनकर संविधान के पालन की बात कही।
प्राचार्य ने कहा कि संविधान की शुद्धता व पवित्रता का परिणाम है कि भारत सबसे बड़ा लोकतंत्र है, उन्होंने छात्रों को उत्प्रेरित कर कहा कि सर्वोत्तम ऊर्जा के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ना चाहिए। कार्यक्रम अध्यक्ष ने अपने उद्बोधन में कहा कि छात्रों को अपने इतिहास से सीखकर वर्तमान को संवारते हुए संविधान की गरिमा के अनुरूप स्वर्णिम भारत को गढ़ना चाहिए । इस आयोजन मे उपस्थित थे।
