जिले में बड़े उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया संविधान दिवस
संविधान की उद्देशिका का किया गया सामूहिक वाचन, लघु फिल्म का प्रदर्शन भी देखा गया
कलेक्टर कार्यालय में कलेक्टर ने कराया संविधान की उद्देशिका का सामूहिक वाचन
जिलेभर में आज संविधान दिवस बड़े उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया। विभिन्न शिक्षण संस्थानों, सरकारी कार्यालयों और सामाजिक संगठनों ने इस अवसर पर विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया। जिला मुख्यालय पर कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम में कलेक्टर ने भारत के संविधान निर्माण के इतिहास पर प्रकाश डाला और संविधान की उद्देशिका का सामूहिक वाचन कराया। सामूहिक वाचन के दौरान संविधान में निहित मूल्यों—न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुता—को दोहराया गया और इन सिद्धांतों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया गया।
इस अवसर पर नगर निगम छिंदवाड़ा के महापौर ने संविधान की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इतनी विविधता के बाद भी हम सभी संविधान के कारण ही एकजुट हैं।संविधान केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि देश की आत्मा है। इसे समझना और इसके मूल्यों का पालन करना हर नागरिक का दायित्व है। उन्होंने सभी से संविधान का पालन करते हुए अच्छे नागरिक होने का परिचय देने की अपील की। इस अवसर पर शासकीय विधि महाविद्यालय की प्रोफ़ेसर द्वारा संविधान के इतिहास और महत्व पर व्याख्यान प्रस्तुत किया गया। उन्होंने संविधान दिवस को हमारे अधिकारों का उत्सव दिवस बताया। उन्होंने बताया कि हमारा संविधान विश्व का सबसे लंबा और बड़ा लिखित संविधान है। संविधान की शक्ति का अंतिम स्त्रोत देश की जनता (हम भारत के लोग) हैं। उन्होंने संविधान को जीवन में अपनाने और जीवनशैली बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत में संविधान दिवस के राज्य स्तरीय कार्यक्रम का प्रसारण देखा गया। इसके बाद संविधान निर्माण, उसके महत्व और भारतीय लोकतंत्र की मूल भावना को दर्शाने वाली एक लघु फिल्म का प्रदर्शन देखा गया। फिल्म ने संविधान निर्माताओं के दृढ़ संकल्प, संघर्ष और देश के भविष्य के प्रति उनकी दूरदृष्टि को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया। इस कार्यक्रम में सीईओ जिला पंचायत, एसडीएम छिंदवाड़ा , संयुक्त कलेक्टर सहित जिले के अन्य गणमान्य नागरिक और कलेक्टर कार्यालय के विभिन्न विभागों के अधिकारी कर्मचारी शामिल थे।
