UP Politics: पूर्व मंत्री आरके चौधरी और प्रवक्ता सुनील सिंह साजन ने OP Rajbhar और Shivpal Yadav को लेकर जमकर निशाना साधा है. उन्होंने बिना नाम लिए दोनों नेताओं को बीजेपी की भाषा बोलने वाला बताया. पढ़ें पूरी खबर….
आशीष द्विवेदी/हरदोई:समाजवादी पार्टी (SP) द्वारा चलाए गए सदस्यता अभियान में शामिल होने पूर्व मंत्री आरके चौधरी और प्रवक्ता सुनील सिंह साजन गुरुवार को हरदोई (Hardoi News) पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने विपक्ष, शिवपाल यादव (Shivpal Yadav) व ओपी राजभर (OP Rajbhar) पर जमकर निशाना साधा है. आर के चौधरी ने कहा कि अब समाजवादी पार्टी बदल चुकी है. उन्होंने कहा कि बहुत जल्द देश में विद्रोह होगा और बीजेपी सरकार (BJP Government) को हटना पड़ेगा. वहीं, सुनील सिंह साजन (Sunil Singh Sajan) ने शिवपाल को बीजेपी की भाषा बोलने वाला बताया, तो ओपी राजभर पर मुद्दों से भटक जाने का आरोप लगाया है.

बीजेपी सरकार विपक्ष को दबाना चाहती है: सुनील सिंह
दरअसल, पूर्व मंत्री आर के चौधरी सपा प्रवक्ता सुनील सिंह साजन के साथ हरदोई के समाजवादी पार्टी कार्यालय पर पहुंचे थे. जहां पर उन्होंने सदस्यता अभियान के दौरान सपाइयों को मोटिवेट किया. पत्रकारों से बात करते हुए आरके चौधरी ने कहा कि समाजवादी पार्टी बदल चुकी है. अब पार्टी एक नई ऊर्जा से शुरू हुई है और इस बार लक्ष्य बड़ा है. वहीं, ईडी पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि हकीकत में बीजेपी सरकार विपक्ष को दबाना चाहती है. वो ईडी का गलत इस्तेमाल कर रही है. निश्चित तौर पर देर से ही सही लेकिन बीजेपी को भुगतना पड़ेगा.

शिवपाल पर लगाए आरोप
वहीं, सपा नेता सुनील सिंह साजन ने शिवपाल यादव को बीजेपी की भाषा बोलने वाला बताया है. रामगोपाल यादव पर सजातीय की पैरवी और आजम खान को लेकर कोई पैरवी ना करने के आरोप पर सुनील सिंह ने बयान दिया. उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि जो भाषा भारतीय जनता पार्टी के लोग बोल रहे हैं, वही भाषा विपक्ष में कुछ लोग हैं वह भी इस्तेमाल कर रहे हैं.

ओपी राजभर पर साधा निशाना
वहीं, ओपी राजभर पर बोलते हुए सुनील सिंह ने कहा कि सपा का जितनी पार्टियों से गठबंधन हुआ हम उन सभी दलों के नेताओं का सम्मान करते थे, करते हैं, करते रहेंगे. हमारा समझौता मुद्दे पर था. सारे ही भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ आए थे. किसान का मामला हो, बेरोजगारी का मामला हो, पिछड़े, दलित शोषितों का मामला हो अब ये लोग क्यों भाग रहे हैं. जिनके खिलाफ लड़े हैं, उन्हीं की भाषा बोल रहे हैं. समाजवादी पार्टी जिस मुद्दे पर आंदोलन चला रही थी, उसी मुद्दे पर टिकी है. हम सामंती सोच के खिलाफ हैं, जो लोग नौजवानों के खिलाफ हैं. हम उनके खिलाफ हैं, जो महंगाई बढ़ा रहे हैं. उनके खिलाफ हैं जो रोजगार नहीं दे पा रहे हैं. हम उनके खिलाफ हैं, जिन्होंने बड़े-बड़े वादे किए थे. जो वादा पूरा नहीं कर पा रहे हैं, हम उनके खिलाफ हैं.