दुनिया में कई तरह के जीव जन्तु पाए जाते हैं। इसके अलावा छिपकलियों की भी कई प्रजातियां मिलती हैं जो देखने में बेहद डरावनी लगती हैं। कुछ दिनों पहले मध्य प्रदेश में दुर्लभ प्रजाति की छिपकली पाई गई थी। यह छिपकली राज्य के बैतूल में एक अस्पताल में मिली थी। यह छिपकली सांप जैसी फुफकारती है और वह बेहद खूबसूरत दिखती है। अस्पताल में छिपकली दिखने के बाद लोग खौफ में आ गए जिसके बाद सांप पकड़ने वाले को इसकी जानकारी दी गई जिसने इसका रेस्क्यू किया। पहली बार इस इलाके में यह दुर्लभ छिपकली नजर आई थी।

कुछ दिनों पहले यह दुर्लभ छिपकली मध्य प्रदेश पावर जेनरेटिंग कंपनी के अस्पताल में देखी गई थी। छिपकली को देखते ही अस्पताल के कर्मचारी डर गए। अस्पताल प्रबंधन ने सर्पमित्र को जानकारी दी जिसके बाद वह इसका रेस्क्यू किया। सर्पमित्र आदिल खान ने इसके बारे में कई जानकारियां दी हैं। उसने बताया कि यह छिपकली मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी अस्पताल में देखी गई थी।
कर्मचारियों ने सर्पमित्र आदिल खान को फोन पर सांप के फुफकारने की जानकारी दी। रेस्क्यू करने के लिए पहुंचे आदिल खान ने देखा कि दुर्लभ छिपकली अस्पताल परिसर में बैठी हुई थी और तेज-तेज आवाज निकाल रही थी।
छिपकली का नाम लियोपर्ड गेको है

आदिल खान के मुताबिक, इस छिपकली को सतपुड़ा लियोपर्ड गेको के नाम से जानते हैं। सर्पमित्र ने इस छिपकली का रेस्क्यू किया। मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में यह छिपकली पाई जाती है। मध्य भारत के जंगलों में यह छिपकली मिलती है। रात के समय यह घूमती है और कीड़े-मकोड़ों का शिकार करती है। यह छिपकली कीड़े-मकोड़े खाती है।
दिखती है खूबसूरत

यह छिपकली देखने में बेहद खूबसूरत होती है।

छिपकली को खतरा महसूस होता है, तो तेज रफ्तार में भागती है और सांपों की तरह तेज आवाज निकालती है। करीब 20 सेंटीमीटर तक यह छिपकली बड़ी हो सकती है। इसके अंदर विष नहीं होता है और इंसानों का भी कोई नुकसान नहीं करती है।