मध्यप्रदेश के धार जिले में विगत दिनों कुछ ऐसा ही वीभत्स दृश्य देखने को मिला जिसमें भाजपा और उसकी सरकार दोनों का असली चेहरा सामने आ गया दरअसल यह वाकया मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री की जनआशीर्वाद यात्रा के दौरान का है जब एक आदिवासी समुदाय की मासूम बच्ची को बिजली का करंट लगने के कारण उसकी तुरंत मौत हो जाती है फिर न उसमें स्थानीय भाजपा के संवेदनहीन नेता देखने पहुंचते हैं न प्रदेश के मुख्यमंत्री भी दो मिनट रूककर पीड़ित परिवार से मिलना भी उचित समझते हैं

 

ये कहा गंधवानी से कांग्रेस विधायक उमंग सिंघार ने…………..CM की जन आशीर्वाद यात्रा में एक आदिवासी परीवार के साथ हुऐ।अन्याय की लड़ाई लड़ना क्या गुनाह है ?दिनांक 24 अगस्त को मुख्यमंत्री की जन आशीर्वाद यात्रा मेरे विधानसभा क्षेत्र बाग टांडा होकर निकली बड़दा गांव में बिजली की लाइन रोड क्रॉस करते हुए थी जिसे बिजली विभाग द्वारा मुख्यमंत्री के रथ की ऊंचाई को देखते हुए तत्काल काट दी गई ,लेकिन बाद में उसमें करंट चालू रहा तारों में जिसके कारण 6 वर्षीय आदिवासी बच्ची6 वर्ष जिसका नाम पिंकी था वह तत्काल उसकी मृत्यु हो गई करंट लगने से उसके पश्चात मुख्यमंत्री की यात्रा वहां से गुजरी मुख्यमंत्री ने अपनी मानवता का परिचय भी नहीं दिया और ना दो मिनट के लिए वहां रुके प्रशासन ने पोस्टमार्टम करा कर उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। ना ही कोई भाजपा का स्थानीय नेता धार जिले का नेता नही पोहँचा। ज्ञात रहे बरदा मे के आदिवासियों ने मुख्यमंत्री जी के आने के पहले चक्का जाम किया था प्रशासन ने बलपूर्वक मुख्यमंत्री के रथ के लिए रास्ता साफ करा दिया। मुझे क्षेत्र के लोगों द्वारा घटना की जानकारी दी गई, मेने पीड़ित आदीवासी को परिवार को 1 लाख रु व बालिका के पिताजी जिनका एसक्सीडेंट हुआ उनकी FIR भी नही लिखी गई उनको 25000रु की सहायता तुरंत की, इसके बाद मेने शासन प्रशासन से बात कर व चर्चा कर पीड़ित के लिए 4 लाख रु की सहायता राशि स्वीकृत करवाई । कलेक्टर को कहा जब तक चेक आदिवासी परिवार को चेक नहीं मिलेगा मैं नहीं जाऊंगा मैं यहीं बैठा हूं ,चेक 5 घंटे तक नही आया बिजली विभाग के अधिकारी भाजपा के दबाव में सांसद के हाथ चेक दिलवाना चाहते थे जबकि चेक बनकर तैयार था कलेक्टर ने WhatsApp पर मुझे चेक भेज दिया था जो 4 घंटे लेट पहुंची जबकि मैं चाहता था कि स्थानीय आदिवासियों के हाथ से इस पीड़ित परिवार को चेक मिले, इस संवेदनशील मुद्दे पर भी भाजपा ने राजनीति रोटी सेकने का काम किया । जबकि 1 दिन पूर्व मुख्यमंत्री के आदिवासी जन आशीर्वाद यात्रा में सभी भाजपा नेता इस आदिवासी बच्ची की चीखें और दर्द भूल गए थे ।किसी भी आदिवासी भाइयों को तकलीफ नहीं होने दूंगा चाहे जोभी हो ।
पीड़ित की सहायता करना भी गुनाह है क्या आदिवासी क्षेत्र में, राजनीतिक दबाव के चलते पुलिस प्रशासन ने मुझ पर FIR दर्ज की जबकि यह पूरा क्षेत्र आदिवासी है और आदिवासी के हित में हमेशा तत्पर रहता हूं अब यह सत्ताधारी लोग मुझे बदनाम करने की एक कोशिश करते रहते हैं मैं हमेशा आदिवासियों के लिए खड़ा हूं और खड़ा रहूंगा चाहे जो चाहे जो हो इस आदिवासी क्षेत्र में एक जनप्रतिनिधि भी के नाते मैं हमेशा लड़ता रहूंगा चाहे जो हो चाहे जितना मुझे दबाने का प्रयास करें किंतु में आदिवासी समाज और क्षेत्रवासियो के लिए हमेशा लड़ता रहूंगा।

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