उत्तरप्रदेश शराब विक्रेता वेलफेयर एसोसिएशन का कहना है कि , शराब दुकानें नहीं खुलने से सैकड़ों लोग बेरोजगार हो रहे हैं ,वहीं, प्रतिदिन 100 करोड़ का नुकसान हो रहा है. उत्तरप्रदेश शराब एसोसिएशन के महामंत्री कन्हैयालाल मौर्या के मुताबिक, प्रदेश में पंचायत चुनाव के पहले से ही करोना महामारी में घोषित कर्फ्यू से शराब की दुकानें बंद हैं ।

  • शराब कारोबारियों ने CM योगी को लिखा पत्र
  • शराब की दुकानें खोलने की मांग

यूपी में लॉकडाउन के चलते सिर्फ इमरजेंसी सर्विस की इजाजत है. लेकिन इस बीच लखनऊ में शराब कारोबारियों ने लॉकडाउन और कर्फ्यू के बावजूद शराब की दुकानें खोलने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है. शराब कारोबारियों ने रोजाना 100 करोड़ से ज्यादा नुकसान होने का हवाला देकर दुकानें खोलने की इजाजत देने की अपील की है.

शराब विक्रेता वेलफेयर एसोसिएशन का कहना है कि शराब दुकानें नहीं खुलने से सैकड़ों लोग बेरोजगार हो रहे हैं. वहीं, प्रतिदिन 100 करोड़ का नुकसान हो रहा है. एसोसिएशन के महामंत्री कन्हैयालाल मौर्या के मुताबिक, प्रदेश में पंचायत चुनाव के पहले से करोना महामारी में घोषित कर्फ्यू से शराब की दुकानें बंद हैं.

मौर्या ने कहा कि हालांकि, शराब की दुकानें बंद करने का शासनादेश में कोई उल्लेख नहीं किया गया है और ना ही आबकारी विभाग के अधिकारियों द्वारा लाइसेंस धारकों को दुकान बंद करने का कोई आदेश मिला है. उन्होंने कहा कि इससे शराब लाइसेंस धारकों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है. इसीलिए पूरे प्रदेश से शराब कारोबारी दुकानें खोलने की मांग सरकार से कर रहे हैं.

एसोसिएशन के महामंत्री ने कहा कि यूपी में रोजाना 100 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हो रहा है और शराब की दुकानें बंद होने से निर्धारित मासिक कोटा और लाइसेंस फीस की चिंता भी सता रही है. इसके चलते यूपी के सीएम, आबकारी सचिव तथा आबकारी आयुक्त को पत्र लिखकर शराब की दुकानें खोलने की मांग रखी गई है ।

अब देखना होगा कि  सरकार इस मामले पर क्या निर्णय लेती हैं ।