भोपाल । मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले गैर-भाजपाई संगठनों का महागठबंधन बनाने में जुटे समाजवादी नेता शरद यादव ने भोपाल के बाद अब मध्यप्रदेश के और भी अन्य बड़े शहरों पर भी फोकस किया है। बताया जाता है की अगले महिने ग्वालियर, उज्जैन, जबलपुर एवं सागर में भी इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। विपक्षी एकजुटता दर्शाने वाले इन कार्यक्रमों में शरद यादव के अलावा आधा दर्जन छोटे दलों के नेता भी एक मंच पर पहुंचेंगे जिसमे सभी गैर भाजपाई दल व् सामान विचारधारा वाले दलों के नुमाईंदे शिरकत करेंगे । राजधानी में विपक्षी दलों की एकजुटता दिखाने के लिए लोक क्रांति सम्मेलन अन्य शहरों में भी बुलाने की रणनीति बन रही है।

जनता दल यूनाइटेड (जदयू) से निकलने के बाद लोकतांत्रिक जनता दल के नाम से नया दल बनाने वाले शरद यादव का सूबे में गैर भाजपाई और क्षेत्रीय दलों से संपर्क जारी है । भोपाल के बाद अब संभागीय मुख्यालय और बड़े शहरों में भी माहौल बनाने के प्रयास चल रहे हैं। सितंबर के दूसरे सप्ताह में 9, 16, 23 और 30 सितंबर की तारीखें तय की गई हैं। लोक क्रांति सम्मेलन के संयोजन में लगे प्रदेश जदयू के पूर्व अध्यक्ष गोविंद यादव ने बताया कि प्रदेश में भाजपा को सत्ता से बेदखल करने महागठबंधन का काम तेजी से चल रहा है। अब संभागीय मुख्यालयों और प्रदेश के बड़े शहरों में कार्यक्रम करने की योजना बनाई है। इनमें राष्ट्रीय समानता दल, बहुजन संघर्ष दल, एकीकृत गोंडवाना दल के अलावा माकपा-भाकपा भी शामिल हैं।

गठबंधन पर बातचीत जारी

सपा-बसपा से गठबंधन के सवाल पर यादव का कहना है कि अभी कोई निर्णायक बात नहीं हुई है। बातचीत का सिलसिला चल रहा है। कांग्रेस की ओर से वरिष्ठ नेता भी इस कार्यक्रम में शिरकत कर सकते हैं। संभागीय मुख्यालयों पर गैर भाजपाई दलों को एक मंच पर लाने की मुहिम में अब कांग्रेस के नेताओं को भी बुलाया जाएगा। इन शहरों में महागठबंधन की गतिविधियां तेज हो गईं हैं। इन सब हलचलों से भाजपा में खलबली मची हुई है तमाम सर्वे में भी भाजपा की पों बारह हो रही है , भाजपा को एक दहशत सत्ता रही है की कही मध्यप्रदेश में भी कर्णाटक की आहट तो नहीं दिख रही है

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