कांग्रेस में युवा नेताओ की भारी कमी….

वर्तमान समय में छिंदवाड़ा की राजनीति में देखा जाए तो कांग्रेस में युवा नेताओ की बहुत कमी है । और कांग्रेस के सिस्टम को देखते हुए आज के इस समय मे कांग्रेस से युवा या नइ पीढ़ी नही जुड़ रही है । क्योंकि देखा जाए तो दरबार में जुड़े सूत्र बताते हैं कि, यहां पर शुरू से लेकर अभी तक सिर्फ कुछ लोगो को बढ़ाया जा रहा है जो कि सिर्फ अपना फायदा देखते है ।

सर पर हैं छात्रसंघ चुनाव….

छात्र संघ चुनाव को लेकर छात्र राजनीति गरमा गई है । कॉलेज में ऐसे लोग नजर आ रहे है जो कि अब छात्र नही है पर अपने आप को अभी भी छात्र नेता बोलते है ।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी से पता चला है कि कांग्रेस के लगभग दर्जन भर बूढे छात्र नेताओं ने एडमिशन ले लिया है ।

छात्रसंघ चुनाव से कालेज का माहौल बिगड़ रहा है ।

अभी कॉलेज में देखने को आ रहा है कि अब वो लोग भी एड्मिशन ले रहे है जिनको पढ़ाई से कोई मतलब नही है । जो सिर्फ 2 महीने के लिए एड्मिसन ले रहे है चुनाव खत्म और कॉलेज भी बंद । और ऐसे छात्र लोगो से कॉलेज का माहौल बिगड़ रहा है ।

इस ओर किसी का ध्यान नही….
कॉलेज में अब लोग पढ़ने नही राजनीति करने जाते है, इस कारण कालेेेज  का माहौल हो गया खराब । शिक्षक स्टाफ भी इन छूटभैया नेताओ से परेशान ।

178 thoughts on “बुढ्ढों के हाथ छात्रसंघ का नेतृत्व”

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