नर्मदा यात्रा के नाम पर कर्ज़ में डूबॆ हुए मध्यप्रदेश में अपनी सरकार की झूठी ईमेज चमका रहे हैं शिवराज सिंह चौहान……..
1लाख 11 हजार करोड़ रुपये के कर्ज में डूबे प्रदेश में 1500 करोड़ रुपये फूंक कर शिवराज सिंह सरकार ने नर्मदा सेवा यात्रा निकाली। इससे आम जनता को क्या लाभ मिला ये बड़ा सवाल है! लेकिन शिवराज सिंह चौहान ने जरूर सरकारी खर्च से 120 विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा के चुनाव प्रचार का एक चरण पूरा कर दिया। जिस तरह से सेवा यात्रा निकली है, उससे यह नर्मदा सेवा यात्रा कम, राजनीतिक यात्रा ज्यादा नजर आती है। गली-गली और चौराहों में बैनर, पोस्टर, झंडे लगाए गए। बैनर व होर्डिंग्स में भाजपा नेताओं की फोटो देखकर यही लगता है कि, नर्मदा सेवा यात्रा को सियासी रंग में रंग दिया गया। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को नर्मदा के उद्गम स्थल अमरकंटक में ‘नर्मदा सेवा यात्रा’ समापन समारोह में आमंत्रित किया गया, जिसमें एक ही दिन में विभिन्न मदों में लगभग 100 करोड़ रूपयों का व्यय कर सरकारी धन का दुरूपयोग किया गया है।

कहां कितना खर्च किया गया ,पूरे प्रदेश से लगभग 5 लाख लोगों की भीड़ को लाने-ले जाने पर परिवहन हेतु वाहनों पर करीब 17 करोड़ 65 लाख रूपये,इनके प्रशिक्षण के नाम पर करीब 2 करोड़ 85 लाख रूपये आवंटित किये गये ,आयोजन में पहुंचने वाले प्रति व्यक्ति 500 रूपये के हिसाब करीब 25 करोड़ रूपये,नाश्ता-भोजन पर लगभग 4 करोड़ 12 लाख रूपये,

गले में डालने वाले गमछों के लिए करीब 47 लाख रूपये खर्च किये …..

प्रधानमंत्री के हेलीकाप्टरों को अमरकंटक में बनाये गये हेलीपैडों पर उतारने का व्यय 45 लाख रूपये,आयोजन में टेंट सामग्री पर व्यय 5 करोड़ रूपये,आयोजन के दौरान फैलने वाले कचरा आदि के निवारण पर खर्च लगभग 2 करोड़ 84 लाख रूपये,आयोजन के प्रचार-प्रचार पर लगभग 50 करोड़ रूपये का व्यय किया गया है।

हिंदुस्तान में ये पहली सेवा यात्रा है, जिसमें सरकारी पैसों से वर्ष 2018 के चुनाव की तैयारी की जा रही है। जबलपुर में नर्मदा सेवा यात्रा के लिए भीड़ जुटाने के लिए सरकारी स्कूलों के शिक्षक और बच्चों को प्रशासनिक आदेश के तहत बुलवाया गया था । प्रदेश में रोजगार और व्यापार ठप्प पड़े हुए हैं, लगता है इन सब मुद्दों से ध्यान भटकाने इस तरह की सेवा यात्रा निकाली जा रही है

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