छिन्दवाड़ा । विगत दिनों सोशल मीडिया पर अखिल भारतीय गोंडवाना पार्टी के जिलाध्यक्ष झमकलाल सरयाम द्वारा तामिया तहसील के निसान गांव के लोगों ने विघुत पोल लगाने के नाम पर 27000 (सत्ताईस हजार रुपए) लेने का आरोप लगाते हुए वीडियो जारी किया था साथ ही ग्रामीण जनों ने अखिल भारतीय गोंडवाना पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मोनिका बट्टी को पत्र लिखकर राशि वापस दिलाने की गुहार लगाई है ।

इस खबर की लगातार वायरल होने से मामला प्रिंट मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में भी चल पड़ा और फिर शुरू हुई दोषि को बचाने की मुहिम ,कुछ अंधभक्त प्रजाति के लोग बिना कुछ सोचे झमकलाल का पक्ष लेते हुए सोसल मीडिया में नजर आए तो वहीं अन्य राजनीतिक दलों के लोगों को यह मुद्दा बैठे बिठाए मिल गया ।

बहरहाल इस मामले के कारण झमकलाल की छवि खराब तो हुई है अपितु भगोपा की साख को भी बट्टा लगा है ।

बताया जाता है कि इस मामले को तूल पकड़ते ही झमकलाल के साथियों द्वारा शिकायत कर्ता ग्रामीण लोगों को फोन कर धमकी दे रहे हैं कि तूम शिकायत वापिस ले लो वरना कोर्ट के चक्कर लगाना पड़ेगा, देख लेंगे ,गलत कर रहे हो ऐसा तरह तरह की धमकी से ग्रामीण दहशत में हैं ।

इनका कहना है……

गलत तो गलत है चाहे वो कोई भी व्यक्ति हो किसी भी दल का हो यदि वह आदिवासी समाज के साथ में लूटपाट करता है तो उसे माफ नहीं किया जाए न उनको जनप्रतिनिधि कहलाने का कोई हक नहीं है ,ऐसे ही अन्य शिकायत विभिन्न क्षेत्रों से प्राप्त हो रही है जिसमे नॉकरी लगाने के नाम पर ,सागौन के पेड़ की कटाई परमिशन के नाम पर ,उत्पीड़न राशि के नाम पर लोगों से ठगी की गई है ,समय आने पर सभी खुलासे किए जाएंगे चूंकि नेता के साथ साथ में एक किसान और पत्रकार भी हूं इस कारण में हमेशा सच के साथ खड़ा रहता हूं ,मेरे खिलाफ षडयंत्र रचने वाले आज खुद अपने कुकर्मों के सामने आने से समाज को मुंह दिखाने लायक नहीं बचे ।

सतीश नागवंशी, पूर्व प्रदेश महासचिव गोंडवाना गणतंत्र पार्टी मध्यप्रदेश