विभाग में भ्रष्टाचार का बोलबाला , सी ओ  कठपुतली की तरह नचा रहे है सहायक आयुक्त को …..

सतीश नागवंशी की कलम से …

छिन्दवाड़ा :- पिछले 10 महीनों से आदिम जाति कल्याम विभाग लगातार सुर्खियों में रहा है , एक तो  इसका नाम प्रदेश स्तर पर आदिमजाति कल्याण विभाग से बदलकर जनजातीय कार्य विभाग कर दिया गया, इसके पीछे कारण जो भी हो हम इस मिमांस ना पड़े तो बेहतर होगा ! हम बात कर रहे है जिले में इस विभाग की कार्य प्रणाली पर जो बेहतर तो कतई नही कही जा सकती है ?

सूत्रों के मुताबिक़ तत्कालीन सहायक आयुक्त एन. एस.बरकड़े के तबादला होने के बाद से ही मानो इस विभाग की सुरत शक्ल कुरूप होनी लगी ? वर्तमान में कार्यरत सहायक आयुक्त श्रीमती शिल्पा जैन के पदार्पण के बाद से ही इस विभाग की कार्य प्रणाली और जनकल्याण कारी योजनाओं के क्रियान्वन पर मानो पलीता लगना शुरू हो गया , विभाग में दलाली प्रथा शुरू होने के साथ साथ विभाग में कार्यरत अधिकारियों कर्मचारियों का बजूद खत्म सा हो गया ? इसके बदले विभाग में पदस्त दो मण्डल संयोजक और एक कार्यक्रम निरीक्षक  का दबदबा और हिटलरशाही सहायक आयुक्त श्रीमती शिल्पा जैन की शह पर सिर चढ़कर बोलने लगा ! इन दुष्टों ने विभाग की मास्टर चाबी जिले भर में संचालित होस्टल और आश्रमों के अधीक्षक (देखरेखकर्ता) को पैसों की खातिर  प्रताड़ित करना शुरू कर दिया !  एक एक होस्टल अधीक्षक की बोली लगनी शुरू हो गई जो अधीक्षक इनकी आवश्कताओ को पूरा करने लगे वह इनके चहेते हो गये ? ,बांकियों के साथ मानसिक प्रताड़ना और अत्याचार होने लगा ? उन्हें बदल कर अपने चहेते लोगों  की पद स्थापना की बोलो 40 हजार से शुरू होकर 1 लाख तक लगी और लग रही है ? साथ ही मासिक नजराना होस्टल और आश्रमों की कैपेसिटी पर निर्धारित की गई जो इस प्रकार है :- (1) 30 सीटर होस्टल/आश्रमों से 3000 रूपये/माह

(2) 50 सीटर होस्टल/आश्रमों से 5000 रूपये/माह

(3) 100 सीटर या इससे अधिक होस्टल/आश्रमों से 10000 रूपये/माह

(4) दो एकलव्य विद्यालय , कन्या शिक्षा परिसर और खेल परिसरों से इसका कोई हिसाब नही जितना ज्यादा से ज्यादा निचोड़ा जा सके उतना ठीक ?

सहायक आयुक्त की शह पर कलेक्शन एजेंटो की भांति मण्डल संयोजक अपने कार्य को अंजाम दे रहे है और सहायक आयुक्त के  कृपापात्रऔर चहेते ये मण्डल संयोजक सहायक आयुक्त को गुमराह कर दूषित और गलत विभागीय कार्यवाही को अंजाम दे रहे है ? इसकी बानगी देखिये हाल ही में अमरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत  ग्राम लेहगडुआ में संचालित होस्टल/आश्रमों के अधिक्षको को तत्काल प्रभाव से निलम्वित करना बिना किसी आरोप पत्र या कारण बताओ नोटिस दिए ! ठीक तरह जुन्नारदेव विकास खंड के ग्राम कटकुही में संचालित होस्टल/आश्रमों के अधिक्षक को भी मनगढंत आरोप लगाकर मानसिक प्रताड़ित किया गया फिर उसे सहायक आयुक्त ने ठीक से काम करने के निर्देश देकर अभयदान दे दिया गया  ! परन्तु विभाग के मण्डल संयोजक (कलेक्शन एजेंट) रवि कनोजिया ने सहायक आयुक्त को भड़काकर 15 दिनों बाद निलम्बन की कार्यवाही को अंजाम तक पहुचाया ! ये कहानी  भी बड़ी दिलचस्प है जानिये …?

अगली कड़ी में ….

One thought on “जनजातीय कार्य विभाग के कलेक्शन एजेंट …….”

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