छिन्दवाड़ा । जिले की पेंच नदी में रेत के अवैध खनन पर प्रशासन के रवैये से सब लोग भलीभांति परिचित हैं इस मामले को लेकर परासिया ब्लाक के ग्राम हरनभटा ,पलटवाड़ा,लोहांगी सहित आसपास के ग्राम के जागरूक नागरिक कई दिनों से कलेक्टर से लेकर मुख्यमंत्री तक से गुहार लगाते लगाते अन्ततः थक कर जनपद पंचायत परासिया के मैदान में क्रमिक अनशन पर बैठ गए दो दिन बाद प्रशासन के नुमाईंदा जिनके हाँथ पांव फूल गए और इन अनशन कर रहे ग्रामीणों को जिला खनिज विभाग की अधिकारी, एस डी एम, तहसील दार,डी एस पी, थाना प्रभारी की उपस्थिति में भाजपा नेता और परासिया के पूर्व विधायक रहे तारा बावरिया ने लस्सी पिलाकर इनका अनशन तुड़वाया बताया गया है कि इन अनशनकारियों की सभी मांग को मान लिया गया है ।

इनकी मुख्य मांगें थी कि रेत के अवैध खनन पर रोक लगा दी जाय, सरकारी स्टॉप डेम को रेत ठेकेदार ने तोड़ा है उसे बनाया जय ,निर्धारित रेत खदान के रकबे से बाहर निकल रही रेत पर कार्यवाही की जाए ,एवं खदान का ठेका निरस्त कर ग्राम पंचायत के हस्ते किया जाए लगभग सभी मांग मान ली गई शायद ठेके पर निरस्त करने की मांग को छोड़कर ।

अब शुरू हुआ इस जनहित के आंदोलन को बदनाम करने की शाजिस का तो परासिया के ही कुछ चिरकुट प्रवर्ति के नारद गैंग संगठनों के लोग इस आंदोलन को लीड कर रहे पूर्व भाजपा नेता छोटू चंद्रवंशी पर ही रेत के ठेकेदारों से वसूली करने का मनगढ़ंत आरोप लगा कर बदनाम करने की नीयत से खबर को घुमा फिरा कर उल्टे रेत की बेतहाशा चोरी करने वाले लोगों को महान बताया जाने लगा तो इस सच्चाई की तह तक जाने मैं पता चला कि इस आंदोलन और अनशन से ठेकेदार को भयंकर नुकसान हो रहा था इस कारण उसने अपनी साजिश का शिकार इन आंदोलन करने वालों को बनाने में नाकाम कोशिश की है ।

ताज्जुब की बात तो यह है कि जो इस अनशन को बदनाम करने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं इन्हें यह बात याद रहे कि ये खुद अपने गिरेबान मैं झांके यह कुकुरमुत्ते की तरह संगठन के नाम पर यह दलालों ने खुद अवैध वसूली का धंधा बना लिया है ।

और अब यह लोग ठेकेदार को गलत काम में सहयोग कर उसे बचाने में कूद पड़े हैं बहरहाल देखना होगा कि कार्यवाही करने में प्रशासन द्वारा क्या जल्द कदम उठाए जाते हैं

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