छिन्दवाड़ा । जिले की राजनीति में तीसरा स्थान रखने वाले दल अखिल भारतीय गोंडवाना पार्टी  के जिलाध्यक्ष पर आये हर दिन कोई न कोई आरोप लग रहे हैं विगत दिनों उनपर तामिया तहसील के निशान गांव के लोगों ने बिजली के पोल लगाने के नाम पर 27000 रुपये लेने का आरोप लगाया था इस मामले के मीडिया में तूल पकड़ता देख झमकलाल सरेयाम और उनके साथियों ने गांव में जाकर शिकायत करने वाले लोगों से संपर्क कर उन्हें काम कराए जाने का आश्वासन दिया था बताया जाता है कि उन्हें धमकियां भी दी गई लेकिन गांव वालों ने साफ शब्दों में झमकलाल से कह दिया कि काम कराओ या पैसे वापसी करो ।

सूत्रों ने बताया कि जुन्नारदेव तहसील के पास में गांव के लोगों ने भी बिजली ट्रांसफार्मर लगाने के नाम पर झमकलाल को 25000 रूपये दिया था उनके पैसे तीन दिन पहले झमकलाल ने 15000 वापसी कर दिया है ,सूत्रों ने बताया कि बाकी  10000 रूपये लौटाने के लिए झमकलाल ने 1 माह का समय ग्रामीणों से  मांगा है  ।

अवैध कब्जे का भी आरोप है झमकलाल पर …

झमकलाल सरेयाम

पार्टी के विश्वस्त सूत्रों ने जानकारी देते हुए बताया कि झमकलाल वर्तमान में जिस जगह पर मुख्यालय में निवास कर रहा है वह जमीन भी उसकी नहीं है ,यह जमीन दीनू सरेयाम ने गोंडवाना आंदोलन के संचालन और गतिविधियों के लिए दान में दिया था लेकिन यहां अवेध रूप से झमकलाल सरेयाम कब्जा करके  रहने लगा जबकि यह जमीन पर गोंडवाना पीस फाउंडेशन के नाम पर दर्ज है ।

वहीं बताया जाता है कि इस जगह पर भवन निर्माण के लिए कुछ वर्ष पहले मटेरियल भी डला था लेकिन उस मटेरियल को भी झमकलाल सरेयाम ने बेच दिया ऐसा आरोप आदिवासी समुदाय के लोगों ने लगाया है ।

बहरहाल हर दिन झमकलाल पर आरोप लगने से उनकी  मुश्किलें बढ़ रही है और उनकी पार्टी की छवि खराब करने में झमकलाल कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं ।