सम्मलेन में उपस्थित विशाल समुदाय

छिंदवाड़ा ।जिला मुख्यालय से18 किलोमीटर दूरी पर स्थित राजाखोह जाटवा ढाना में कल गोंडवाना सम्मेलन कार्यक्रम संपन्न हुआ। ग्राम सिंगोडी के बस स्टैंड से विसाल गोंडवाना जुलुश निकाला गया। जो ग्राम के मुख्य मार्ग से होते हुए राजखोह जाटवा ढाना पंहुचा जंहा सामाजिक विवाह सम्मेलन एवं बड़ादेव महाशक्ति पूजा एवं साधना शिविर के साथ कार्यक्रम का सुभारम्भ हुआ। विशाल गोंडवाना सम्मेलन का यह कार्यक्रम का 16 वा वर्ष राजा जाटवा शाह की जन्मस्थली राजाखोह ढाना में आयोजित हुआ जिसमे दो जोड़े परिणय सूत्र में बंधे जिनमे विवाह सम्मेलन में लिंगपानी निवासी सुरेश कुमरे का विवाह नरसिंहपुर निवासी सरिता ठाकुर के साथ एवं दूसरा जोड़ा हलालकला निवासी रामदिनेश मर्षकोले का विवाह परसोली पटिया टोला निवासी संध्या उईके के साथ गोंडी रीती रिवाज के अनुसार संपन्न हुआ। वही समाज में फैली अनेक कुरूतियों को समाप्त कर समाज के उतथान के लिये अनेक प्रकार के कार्यो को करने की कसम खाई। इस अवसर पर गोंडवाना सम्मेलन आयोजक समिति के मुनीम भलावी ,जगतराम सल्लाम , रघुवीर बरकड़े ,मनोज सल्लाम , कैलाश्वती पंदराम अध्यक्ष जनपद अमरवाड़ा , ओमकार शाह बरकड़े , केवलराम परतेति , सी एल ठाकुर , राजाराम मर्सकोले , अनिल कुमरे ,भुमका लोकेश अहके ,जयलाल ककोड़िया सहित समाज के अनेक प्रतिष्ठित बुजुर्ग जन महिलाये और युवा वर्ग उपस्थित रहे रात्रि भर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम से लेकर नाटक और सामाजिक कार्यक्रम चलते रहे इस अवसर पर समाज के वरिष्ठ ओमकार शाह बरकड़े ने बताया की यह सम्मेलन कार्यक्रम गोंडवाना समाज के सामाजिक व्यवस्था को लेकर है जिसमे आदिवासी संस्कृति धीरे धीरे बिलुप्त हो रही है जिसको लेकर गोंडवाना महासभा के माध्यम से आदिवासी संस्कृति एवं रीतिरिवाज को पुनः समाज में जीवित करने का प्रयाश ऐसे कार्यक्रमो के माध्यम से किया जा रहा है।एवं अनेक सामाजिक कुरुतियो को भी समाप्त करने का प्रयाश किया जा रहा है । जिसमे विवाह संस्कार , मृत्यु संस्कार , पूजा पाठ , आदि कार्यक्रमो को पूर्ण रूप से गोंडी संस्कृति के अनुरूप किये जाने की पहल की जा रही है । इस अवसर पर सम्पूर्ण जिले भर से हजारो की संख्या में गोंडवाना समाज के लोग उपस्थित रहे ।

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