छिन्दवाड़ा । राजनीति में जिले की तीसरी ताकत के रूप में स्थापित गोंडवाना पार्टी में इन दिनों भूचाल आ गया है ,इसका मुख्य कारण है अखिल भारतीय गोंडवाना पार्टी के जिलाध्यक्ष झमकलाल सरेयाम इनके ऊपर तामिया ब्लॉक के लोगों ने पिछले दिनों आरोप लगाया था कि झमकलाल ने उनसे बिजली पोल लगाने के नाम से  राशि लिए हैं।

लोगों ने इस आशय का वीडियो भी जारी किया था जो सोसल मीडिया में जमकर वायरल हुआ और फिर अखबारों की सुर्खियों में भी रहा ,बताया जाता है कि इस मामले की वजह से और भी लोग जिन्होंने अन्य काम के लिए झमकलाल को पैसे दिया है वह लोग भी सामने आ रहे हैं ।

बहरहाल जो भी हो इस मामले से पार्टी की छवि खराब हुई थी और उससे भी इतर हश्र का विषय यह रहा कि इस मामले को प्रदेश कार्यकारिणी ने भी गंभीरता से नहीं लिया उल्टे  झमकलाल का पक्ष लेते हुए शीर्ष नेतृत्व दिखाई दिया ,बताया जाता है कि पार्टी के लोग झमकलाल के लगातार कई सालों से जिला अध्यक्ष रहने को लेकर भी गुटों में विभाजित हो गए हैं झमकलाल का यह आंतरिक विरोध अब खुलकर सड़क पर आ गया है ,सूत्रों की माने तो झमकलाल भी इस बात को भलीभांति समझ चुके हैं कि अब वह पार्टी के जिला अध्यक्ष की कुर्सी पर ज्यादा समय तक नहीं रह पाएंगे ।

अवैध रूप से कब्जा करके रह रहा है झमकलाल…

वहीं बताया जाता है कि झमकलाल वर्तमान समय छिन्दवाड़ा में जिस जगह पर निवास करते हैं वह जमीन गोंडवाना पीस फाउंडेशन को दान में दी गई है ,जो गोंडवाना के विभिन्न गतिविधियों के इस्तेमाल के लिए दीनू सरेयाम ने दान में दिया था उस पर ही अवैध रूप से कब्जा कर झमकलाल सरेयाम कई साल से रह रहा है, इस बात का भी आदिवासी समुदाय के लोग दबी जुबान से विरोध कर रहे हैं