त्वरित टिप्पणी /

आजकल देखने को आ रहा है की खबर की बिना जाँच पड़ताल किये कुछ लोग व्हाट्सएप ,फेसबुक के समूहों में दनादन कापी पेस्ट करने को भिड जाते है अब खबर सही है या गलत इससे इन अक्ल बाजों को कोई मतलब नहीं होता इनको तो बस सबसे तेज खबरी लाल की सूचि में शामिल होना होता है जबकि शोसल मीडिया एक ऐसा माध्यम है जिससे बहुत तेजी के साथ विश्व में कोई भी जानकारी का आदान प्रदान किया जा सकता है जो की एक नजरिये से बहुत अच्छा माध्यम है लेकिन आज कल प्राय: देखा जा रहा है की कोई भी भ्रामक खबर  किसी सोशल मीडिया के ग्रुप में आई  और बगैर पुष्टि किये बगैर प्रमाणिकता के उस वीडियो या उस खबर या सुचना को दनादन कापी पेस्ट किया जाता है कभी रेल दुर्घटना ,कभी  किसी फिल्म हस्ति को  मृत बता दिया जाता है ,आज तो गजब ही कर दिए कुछ महत्वपूर्ण लोग ने सोशल मीडिया पर देश के पूर्व प्रधानमंत्री और भाजपा के पितामह अटल बिहारी की मौत की खबर पोस्ट कर दिए कुछ लोग तो और भी आगे निकले उन्होंने तो बाकायदा श्रध्धांजलि तक दे डाले ,ऐसा ही मामला देखने को पहले भी मिला था जब यू ट्यूब पर और फेसबुक ,व्हाटसएप ग्रुपों में अमिताभ बच्चन को मृत बता दिए थे इस प्रकार की भ्रामक ख़बरों के कापी पेस्ट की वजह से सोशल मीडिया की विश्वसनीयता कम होते जा रही है जबकि शोसल मीडिया के उपयोग कर्ताओं को चाहिए की खबरों की सत्यता जांचे बगैर उसे जल्दबाजी में कोपी पेस्ट करने से परहेज करना चाहिए जबकि एक नजरिये से सोशल मीडिया का प्लेट फार्म एक अच्छा जरिया है विश्वस्तर में जुड़ने का संपर्क में रहने का मगर यदि इस प्रकार से भ्रामकता फैलाई जाये तो निश्चित ही इसकी विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होना लाजमी है

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