राष्ट्रीय जनजाति आयोग की उपाध्यक्ष सुश्री अनुसुईया उइके  ने उत्तर प्रदेश के राज्यपाल  से अनौपचारिक चर्चा कर प्रदेश में जनजाति समाज की समस्याओं पर चर्चा की।
विगत 16 मार्च को  दिल्ली में यूपी के राज्यपाल  राम नाईक से अनौपचारिक भेंट हुई। इस दौरान उत्तरप्रदेश जनजातियों की समस्याओं के संबंध में विचार विमर्श किया गया।
उन्हें उत्तरप्रदेश के जनजातियों की समस्याओं से अवगत कराते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश के चार जिलों की समीक्षा में स्पष्ट हुआ कि उत्तर प्रदेश में अनुसूचित जनजाति को जनजाति की श्रेणी में रखा गया है। आयोग के समीक्षा के बाद चार जिलों में जनजाति के लोगो को जनजाति के प्रमाण पत्र निर्गत करने के लिए रिपोर्ट मंत्रालय को भेज दी गई है। राज्यपाल को इस तथ्य से भी अवगत कराया कि उत्तरप्रदेश में जनजाति के लोग विषम परिस्थितियों में अपना जीवन यापन कर रहे हैं इसमें सुधार होना चाहिए।  राज्यपाल ने अवगत कराया कि उत्तरप्रदेश में जनजाति के लिए अलग से कोई बजट का प्रावधान नहीं है। राज्यपाल महोदय से सुझाव दिया कि उन्हें तथा मुख्यमंत्री को लिखकर बजट की मांग करें। उन्होंने यह भी कहा कि आयोग के द्वारा जनजाति समुदाय के लिए जो भी सुझाव दिये जायेगें उन्हें हर संभव पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published.