आज देश के संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर जी की जयंती मनाई जा रही है जिन्होंने देश को संविधान दिया सबको समानता, सद्भावना का पाठ पढ़ाया वहीं सरकार ने आदिवासी समुदाय के विकास के लिए विभाग का गठन किया लेकिन इसे क्या कहा जाये की आज अम्बेडकर जयन्ती है और कल की संध्या पर मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के आदिवासी विकास विभाग के एक साहब जुन्नारदेव ब्लाक के कटकुही आदिवासी बालक आश्रम पर चेकिंग में गये हुए थे  जहां पर बाउंड्रीवाल का निर्माण कार्य चल रहा था जिसमें  रवि तुमड़ाम,सनक राम  तुमड़ाम ,अनिता धुर्वे, सेवक राम नागवंशी और श्यामवती मजदूरी का काम कर रहे थे विश्वत सूत्रों ने बताया कि मजदूरों को साहब ने बोला कि तुम्हारे बालक आश्रम के अधिक्षक कहाँ है   उन मजदूरों ने बोला कि साहब वह तो छिंदवाड़ा गये हुये हैं इतने में साहब भड़क गए और इन सभी दलित मजदूरों को गाली गलौज करने लगे और  पंचनामा बनाकर साहब मजदूरों को कहने लगे कि तुम इस कागज़ पर साइन करो मजदूरों ने कहा कि साहब हम आपको जानते ही नहीं कि आप कौन है और क्यों साइन करने के लिए दबाव बना रहे हो साहब इतने में महिला मजदूर का मोबाईल छुड़ा लिया और साइन करने के लिए आश्रम के कमरे में बंद कर धमकी देने लगे

इस बात से आहत होकर मजदूरों ने नवेगांव पुलिस थाना गए तो सूत्र बताते हैं कि वहां पदस्थ थाना प्रभारी श्री राजपूत साहब ने मजदूरों साथ अभद्रता की और बिना रिपोर्ट दर्ज किए उनको थाने से भगा दिया फिर उन मजदूरों ने आश्रम अधीक्षक को बताया कि साहब रात हो गई और हमारे साथ ऐसी घटना हो गई है साधन उपलब्ध नहीं है आने के लिए आप यदि छिंदवाड़ा से  कटकुही आ गए होंगे तो हमको नवेगांव से हमारे घर पहुंचाने की व्यवस्था करो ,बताया जाता है कि तब अधीक्षक जी थाने गए तो थाना प्रभारी जी ने अधीक्षक के साथ भी बदसलूकी किया चूंकि अधीक्षक को थाना प्रभारी ने कहा कि तू नेतागिरी बता रहा है तुझको ही जेल में डाल दूंगा खुद दलित होने पर उनको अपमानित महसूस करते हुए थाना प्रभारी के इस व्यवहार की निंदा की है

आज चूंकि अम्बेडकर जी की जयंती महोत्सव मनाया जा रहा है और दूसरी तरफ दलित समाज के बेबस मजदूरों से शासन प्रशासन की ओर से ऐसा उपेक्षा का शिकार शोभा नहीं देता सरकार इनके अधिकार इन्हें क्या दिलाने में मदद करेगी बहरहाल देखना होगा की इनको कब तक न्याय दिलाने का काम करती है

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