छिंदवाड़ा से सतीश नागवंशी ……

 वर्षो से आदिवासी का शोषण :सतीश पेंदाम

छिंदवाड़ा- विगत दिनों आदिवासी ,ओबीसी,अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक सामाजिक संगठन संयुक्त बैठक की गई  नरसिंहपुर नाका में संपन्न हुई जिसमे मुख्य अतिथि के रूप उपस्थित बिरसा मुंडा बिग्रेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष सतीश पेंदाम ने मुख्य वक्ता के रूप में बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि यह जिला आदिवासी समुदाय का जिला है ,यहां 7 .50 लाख आदिवासी समाज की संख्या है ,फिर भी आज हमारे वोट देने से सरकार चलाने वाले बड़ी बड़ी गाड़ियों में घूम रहे हैं और आदिवासी के पास चप्पलें तक नहीं है उनका ही जिला और वो ही भिखारी बन गए हैं ,छिंदवाड़ा से पलायन ही होता है आजतक सिर्फ और सिर्फ बातें हुई है आदिवासियों के नाम पर राजनीति ही हुई है आखिर कौनसी मजबूरी है कि शासन में कुछ धनाड्य लोगों का ही कब्जा है , जिस समुदाय की संख्या सैकड़ों मैं है वो समुदाय राज कर रहा है और आदिवासी समुदाय भिखमंगा बना हुआ है श्री पेंदाम ने कहा कि आदिवासी समुदाय के नेता जो राजनीतिक दलों के टिकट पर चुनाव जीत कर आते हैं विधायक और सांसद बनते हैं वो सब बेईमान हैं वो आदिवासी समुदाय के सांसद और विधायक नहीं रह जाते फिर वो पार्टी के चमचे हो जाते हैं उन्होंने जिले की दुर्दशा को लेकर भी कहा कि कमल नाथ ने भी सिर्फ जिले का शोषण किया है आज जिस आदिवासी समुदाय के वोट से कमल नाथ इतने बड़े नेता हुए हैं आज वो आदिवासी जहां पर था वो वहीं पर ही है वो समाज कमलनाथ के सामने 35 साल पहले भी हाथ जोड़कर खड़े रहता था और आज भी वो ही हाल है , भाजपा पर भी प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि जाति धर्म के नाम पर लोगों मैं वर्ग संघर्ष कराने का काम कर रही है इस देश के मूलनिवासी की दुर्दशा किये जा रही है विकास के नाम पर भगवा करण ही हो रहा है ,वर्षों से आदिवासी समाज का शोषण हो रहा है ,शासन प्रसाशन की लचर व्यवस्था ने आज आदिवासी समाज को सड़क में आने के लिए मजबूर कर दिया है आज हमारा समाज का अस्तित्व कहा होना था पर आज कहा है हमारा कुल मिलाकर हमार समाज के लोगो का केवल उपयोग राजनैतिक पार्टियों हमे हमेशा से ही उपयोग कर रहा है इस बात को लेकर हमारी समाज की ताकत दिखना और हमारे अधिकार के लिए हमे आगे पड़ेगा इस विषय को लेकर 22 जुलाई को होने वाले आदिवासी समाज का सम्मेलन आयोजित है, जिसका समर्थन ओबीसी,एससी, अल्पसंख्यक ने भी किया है और साथ ही कहा कि ये कार्यकम आपका अपना है इस हम सब मिलकर समाज का विकास करेंगे और इस कार्यकम में प्रत्येक समुदाय से हजारों की तादाद में ओबीसी, एससी, अल्पसंख्यक भी आदिवासी समाज के सम्मलेन में पहुचेगा साथ ही इस बैठक में प्रत्येक समाज प्रमुख सामाजिक बन्दुओ सम्लित हुए और बैठक में सेकड़ो की संख्या पर सामाजिक बन

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