अफसर का जवाब- शिकायतकर्ता ने कुत्ते को पीटा, इसलिए भौंक रहा है

सीएम हेल्पलाइन पर रोज अनेकों शिकायतें हाती हैं, कई हास्यास्पद भी होती हैं। इस बार एक शिकायत का जवाब रोचक होने के कारण यह प्रशासनिक अफसरों में चर्चा का विषय है। एक व्यक्ति ने सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत की कि पागल कुत्ता सबको काट रहा है और लोग परेशान हो रहे हैं। अफसर ने जवाब लिखा कुत्ता पागल नहीं है, बल्कि शिकायतकर्ता ने उसे पीट दिया था, इसलिए वह उस पर भौंक रहा है। शिकायत को विलोपित कर दिया जाए।

दरअसल, सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का निराकरण करने के लिए आला अफसरों का मातहत अफसरों पर काफी दबाव है। जो शिकायतें एल-4 स्तर पर पहुंच गई है, उनका निराकरण हर हाल में करने के लिए अफसरों पर बेहद दबाव है। लिहाजा, अफसर शिकायतों का निराकरण करने के लिए कैसे कदम उठा रहे हैं, उसका यह रोचक नमूना है। यह मामला उमरदा का है, लेकिन उज्जैन सहित प्रदेश के सभी प्रशासनिक हल्को में यह चर्चा का विषय बन गया है। यह शिकायत एल-4 स्तर पर पहुंच गई। इसका निराकरण करने के लिए कहा गया।

शिकायत यह थी कि ग्राम उमरदा में पागल कुत्ता है जो लोगों को काट रहा है, लेकिन उसको पकड़ा नहीं जा रहा। इससे गांव के लोग बहुत परेशान हैं। समस्या आ रही है, इसका निराकरण जल्द से जल्द किया जाए। इसकी जांच के बाद जो जवाब आया वह बड़ा रोचक है। कहा गया कि शिकायत की जांच सेक्टर प्रभारी बीके दुहरे से कराई गई, जिसमें पंचायत द्वारा बताया गया कि कुत्ता पागल नहीं है। शिकायतकर्ता ने कुत्ते के साथ मारपीट की थी। इस कारण कुत्ता उसी व्यक्ति को देखकर भौंकता है। गांव के किसी अन्य व्यक्ति को देखकर नहीं भोंकता है। इस जवाब के साथ लिखा गया है कि शिकायत विलोपित करने योग्य है। शिकायत और उसके जवाब को ऑनलाइन देखकर जिले के अधिकारी भी चकित हैं और चटकारे लेकर इसे एक-दूसरे को सुनाया जा रहा है।

दूसरे के मोबाइल से कर दी शिकायत, अफसर हुए परेशान

सीएम हेल्पलाइन के जिला स्तरीय प्रभारी अधिकारी अपर कलेक्टर बीबीएस तोमर बताते हैं वे जब इंदौर में मंडी में पदस्थ थे तब एक शिकायत के निराकरण में समस्या आ रही थी। उन्होंने जांच की तो पता चला शिकायत करने वाला ऑटो रिक्शा चलाता था। किसी सवारी ने उससे मोबाइल लिया और उसने सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करा दी। जब ऑटो वाले को अफसर फोन लगाते तो वह कहता उसने कोई शिकायत नहीं की, जबकि शिकायत पेंडिंग चली आ रही थी। आखिरकार ऑटो वाले से यह बात लिखित में ली गई तब प्रकरण का निराकरण हो सका। कुछ लोग देश में राष्ट्रपति शासन लगा देने की मांग भी हेल्पलाइन के जरिए करते हैं। इन प्रकरणों के मद्देनजर सीएम हेल्पलाइन के सिस्टम में सुधार की जरूरत भी महसूस की जा रही।

इसलिए हो रहीं पेंडिंग…

सीएम हेल्पलाइन पर शिकायतों के निराकरण में प्रशासनिक तंत्र को काफी कवायद करना पड़ रही। काफी कीमती वक्त भी इस पर खर्च हो रहा। उज्जैन जिले की करीब चार हजार शिकायतें अभी पेंडिंग चल रहीं, जिनमें 300 दिन से अधिक पुरानी 150 से ज्यादा हैं। होता यह है कि कोई भी व्यक्ति कैसी भी शिकायत करे, उसे दर्ज कर लिया जाता है और उसका अध्ययन कर निराकरण के प्रयास भी होते हैं। शिकायत के जवाब से संतुष्ट न होने के कारण वह बड़े अफसर तक पहुंचती है और पेंडिंग पड़ी रहती है।

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