उंगली पकड़ने की इतनी बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी …

वयोवृद्ध नेता शरद पवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस टिप्पणी पर कटाक्ष किया, जिसमें पीएम मोदी ने कहा था कि वह राजनीति में शरद पवार की उंगली पकड़कर पहुंचे हैं।
तंज कसते हुए शरद पवार ने कहा कि मुझे नहीं पता था कि यह मुझे इतना महंगा पड़ेगा। एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे।


राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) प्रमुख को संवाददाता सम्मेलन में पीएम मोदी की एक टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देने के लिए कहा गया। उनसे पूछा गया कि “पीएम मोदी कहते हैं कि उन्होंने आपकी उंगली पकड़कर राजनीति में प्रवेश किया है।”

शरद पवार ने मामले में चुटकी ली उत्तर देते हुए कहा, “मुझे नहीं पता था कि यह मुझे इतना महंगा पड़ेगा।”

इसी बातचीत में, 81 वर्षीय शरद पवार ने कहा कि वह अपनी उम्र में कोई जिम्मेदारी नहीं लेना चाहते थे, जाहिर तौर पर 2024 के राष्ट्रीय चुनाव के लिए विपक्षी प्रधान मंत्री पद के उम्मीदवार की दौड़ से खुद को दूर कर रहे थे। उन्होंने कहा, “मैं केवल गैर-भाजपा दलों को भाजपा के खिलाफ जनमत तैयार करने के लिए एक साथ लाने में मदद करूंगा।”
पवार ने कहा कि केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार 2014 में पहली बार सत्ता में आने के बाद से किए गए वादों को निभाने में विफल रही है, जिसमें “अच्छे दिन, गांवों को इंटरनेट के माध्यम से जोड़ना, शौचालय,हर घर को बिजली और पानी उपलब्ध कराना शामिल है।”

केंद्रीय एजेंसियों का गलत और बेजा इस्तेमाल ……

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भाजपा छोटे दलों को सत्ता से दूर रखने और उन्हें विपक्षी शासित राज्यों से हटाने के लिए अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है।

भाजपा का कृत्य लोकतंत्र पर हमला …….

उन्होंने कहा, “भाजपा अपने विरोधियों के खिलाफ जो कर रही है वह संसदीय लोकतंत्र पर हमला है, जो गंभीर चिंता का विषय है। सभी गैर-भाजपा शासित राज्यों में, भगवा पार्टी विधायकों को विभाजित करने और सत्ता पर कब्जा करने की कोशिश कर रही है। महाराष्ट्र नवीनतम उदाहरण है।”