आखिरकार जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद ने भी कांग्रेस को चलो चलो कह दिया ,सोनिया गाँधी को पांच पन्नो के लिखे गए पत्र में आजाद ने उनके राजनैतिक शुरूआती दौर से लेकर मौजूदा समय तक का संस्मरण लिखा है ,इंदिरा गाँधी ,राजीव गाँधी ,संजय गाँधी से जुड़े किस्से भी आजाद ने उल्लेख किया है संघर्ष से लेकर सत्ता और संगठन की लम्बी बातों का उन्होंने उल्लेख किया है
सूत्रों की मानें तो आजाद एक नई पार्टी का गठन करेंगे ,उनके इस्तीफे के तत्काल बाद जम्मू कश्मीर के पांच कद्दावर नेताओं जीएम सरूरी,हाजी अब्दुल राशिद ,मोहम्मद अमिन भट्ट,गुलजार अहमद वानीऔर चौधरी मोहम्मद अकरम ने भी कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया इसमें सरूरी को छोड़कर सभी लोग पूर्व कांग्रेस से विधायक रह चुके है
उन्होंने पांच पन्नों के पत्र में सबसे ज्यादा राहुल गाँधी को लेकर सच्चाई बयां की है कांग्रेस की दुर्दशा और बर्बादी का कारण उन्होंने राहुल गाँधी को ही बताया है साथ ही सोनिया गाँधी की तारीफ भी की है की आपके नेतृत्व में बुद्धिमान लोगो को कदर की गयी सम्मान दिया गया और आपने भरोषा भी किया
आखिर गुलाम नबी आजाद जैसे नेता जो जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री ही नहीं अपितु केंद्र सरकार में लगभग दर्जनों विभाग के केंद्रीय मंत्री भी रहे है पीसीसी अध्यक्ष ,राष्ट्रिय महासचिव सहित आधा सैकड़ा वजनदार पद और जिम्मेदारियों का सफलता पूर्वक निर्वाहन किया ऐसे नेताओं का पार्टी से मोहभंग होना कांग्रेस के लिए शुभ संकेत कतई नहीं हो सकते 
इससे पहले भी बड़े लीडरों कपिल सिब्बल सरीखे नेताओं का कांग्रेस से पलायन होना कांग्रेस को चिंतन और चिंता दोनों के लिए मजबूर करता है ,वरना कांग्रेस का हश्र लेफ्ट दलों की तरह सिर्फ नाम ही बचेगा