भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा में जन्माष्टमी 19 अगस्त को मनाई जाएगी। मंदिरों के शहर वृंदावन में एक हफ्ते पहले से ही कृष्ण जन्मोत्सव की धूम है। 2 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। बुधवार सुबह 7 बजकर 30 मिनट पर जब बिहारी जी के मंदिर के कपाट खुले तो पूरा मंदिर परिसर भक्तों से भर गया।

19 अगस्त को है शुभ उदय तिथि
जन्माष्टमी से पहले वृंदावन की गलियां कान्हा के रंग डूब चुकी हैं। बांके बिहारी मंदिर के पास दुकानों में सुंदर लड्डू गोपाल सजे हैं। ज्योतिषाचार्य पंडित अजय तैलंग के अनुसार जन्माष्टमी पर शुभ उदय तिथि 19 अगस्त को ही है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर इस दफा 51 मिनट तक अभिजीत मुहूर्त रहेगा। इसकी टाइमिंग 12 बजकर 5 मिनट से 12 बजकर 56 मिनट तक है। इस दिन अष्टमी की शुभ बेला और रात को रोहिणी नक्षत्र का संयोग भी बनेगा। इस योग में पूजा और व्रत शुभ माना जा रहा है।
वैजयंती के फूल जरूर चढ़ाएं, मंत्रों का जाप करें
अब 10 तस्वीरों में कृष्ण जन्म की धूम देखने से पहले आपको पूजा के सही तरीके के बारे में भी बताते हैं। पंडित अजय तैलंग ने बताया कि अगर इस दिन वैजयंती के फूल मिल जाएं, तो वह जरूर भगवान पर चढ़ाएं। श्रीकृष्ण का श्रृंगार करने के बाद उन्हें अष्टगंध चंदन और रोली का तिलक लगाएं। इसके बाद उनको माखन, मिश्री और अन्य भोग लगाएं। श्रीकृष्ण के मंत्र का जाप करें।

हाथ में फूल और चावल लेकर भगवान श्रीकृष्ण का आह्वान करें। इसके अलावा उनका पंचामृत से अभिषेक करें। पंचामृत में तुलसी जरूर डालें।
जन्माष्टमी पर क्या करें
1 इस पर्व पर सूर्योदय से पहले उठकर तीर्थ स्नान करना चाहिए।
2 इसके लिए पानी में गंगाजल की कुछ बूंदें और काले तिल मिलाकर नहा सकते हैं।
3 फिर कृष्ण मंदिर जाकर भगवान को पंचामृत और शुद्ध जल चढ़ाएं।
4 इसके बाद पीले कपड़े, फिर पीले फूल, इत्र और तुलसी पत्र चढ़ाएं। फिर मोर पंख चढाएं।
5 आखिरी में माखन-मिश्री और मिठाइयों का नैवेद्य लगाकर प्रसाद बांटे।
6 इस दिन घर पर बाल गोपाल को झूले में झुलाने की भी परंपरा है।